पिता की अर्थी को कंधा देते नजर आए क्रिकेटर रिंकू सिंह, देखें Video

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार को कैंसर के कारण निधन हो गया। वह चौथे चरण के कैंसर से जूझ रहे थे। रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप के व्यस्त कार्यक्रम के बीच अपने पैतृक निवास अलीगढ़ पहुंचे और पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खानचंद सिंह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। रिंकू सिंह, जो वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम की विभिन्न जिम्मेदारियों में व्यस्त थे, अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए तुरंत अलीगढ़ पहुंचे।

कैंसर से लंबी लड़ाई और अस्पताल में उपचार

खानचंद सिंह पिछले एक वर्ष से अधिक समय से चौथे चरण (Stage 4) के कैंसर से पीड़ित थे। उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, कैंसर शरीर के कई हिस्सों में फैल चुका था, जिसके कारण शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह ने अपने करियर के दौरान कई बार अपने पिता के संघर्षों का जिक्र किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने बेटे के क्रिकेट के सपने को पूरा करने में मदद की थी।

अलीगढ़ में संपन्न हुआ अंतिम संस्कार

खानचंद सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम को उनके पैतृक जिले अलीगढ़ लाया गया और यहां उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। क्रिकेटर रिंकू सिंह ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सामने आए दृश्यों में रिंकू सिंह अपने पिता की अर्थी को कंधा देते हुए काफी भावुक नजर आए। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया स्थानीय श्मशान घाट पर पूरी की गई, जिसमें परिवार के सदस्यों, स्थानीय निवासियों और खेल जगत से जुड़े कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की संवेदनाएं

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने खानचंद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रिंकू सिंह के पिता का निधन एक अत्यंत दुखद समाचार है। शुक्ला ने बताया कि खानचंद सिंह पिछले एक साल से बीमार थे और उन्होंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि रिंकू इस समय बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं और पूरा क्रिकेट बोर्ड इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। राजीव शुक्ला ने दिवंगत आत्मा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिग्गज क्रिकेटरों ने व्यक्त किया शोक

भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने भी रिंकू सिंह के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। युवराज सिंह ने कहा कि ऐसे क्षणों में शब्द पर्याप्त नहीं होते और वह इस कठिन समय में रिंकू के परिवार के साथ एकजुटता से खड़े हैं। वहीं, हरभजन सिंह ने रिंकू की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अपनी जिम्मेदारियों के बीच पिता को खोना रिंकू के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने प्रार्थना की कि वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।

संघर्षपूर्ण जीवन और रिंकू का करियर

खानचंद सिंह का जीवन संघर्षों की एक मिसाल रहा है। रिंकू सिंह के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने से पहले उनके पिता अलीगढ़ में एलपीजी सिलेंडर वितरण का कार्य करते थे। आर्थिक तंगहाली के बावजूद उन्होंने रिंकू को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। रिंकू सिंह ने अक्सर साक्षात्कारों में बताया है कि उनके पिता की मेहनत ही उनकी सफलता की प्रेरणा रही है। रिंकू सिंह वर्तमान में भारतीय टी20 टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और हाल के समय में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है।