भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज से ठीक पहले एक अप्रत्याशित विवाद में घिर गए हैं। यह विवाद उनके द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक AI-जनरेटेड वीडियो को लेकर खड़ा। हुआ है, जिसने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। रिंकू सिंह, जो लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने में सफल। रहे हैं, अब इस वीडियो के कारण कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
विवादित AI वीडियो का खुलासा
रिंकू सिंह ने हाल ही में अपनी क्रिकेट सफलता का श्रेय भगवान को देते हुए एक रील साझा की थी। इस रील में, जिसे AI तकनीक का उपयोग करके बनाया गया था, भगवान हनुमान, भगवान विष्णु, भगवान शिव और भगवान गणेश को एक कार में काला चश्मा पहने हुए दिखाया गया था। वीडियो के बीच-बीच में रिंकू सिंह को मैदान पर शानदार छक्के लगाते हुए भी प्रदर्शित किया गया था, जिससे यह संदेश दिया जा रहा था कि उनकी सफलता में इन देवी-देवताओं का आशीर्वाद है। हालांकि, इस रचनात्मक प्रस्तुति ने कुछ लोगों को आकर्षित किया, लेकिन। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे धार्मिक प्रतीकों का अनादर माना।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप
इस AI वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जहां कुछ प्रशंसक रिंकू सिंह के इस प्रयास का समर्थन करते हुए इसे उनकी भक्ति और सफलता के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक मान रहे थे, वहीं एक बड़ा वर्ग इस वीडियो से नाखुश दिखा। इन लोगों ने रिंकू सिंह पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उनका तर्क था कि देवी-देवताओं को इस तरह के आधुनिक और कैजुअल अवतार में दिखाना उनकी पवित्रता और गरिमा के खिलाफ है और काला चश्मा पहने कार में बैठे देवी-देवताओं का चित्रण कई लोगों को अनुचित और असंवेदनशील लगा।
करणी सेना की शिकायत और मांगें
विवाद ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब करणी सेना ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। करणी सेना ने अलीगढ़ के थाना सासनी गेट में रिंकू सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। करणी सेना के सदस्यों का स्पष्ट कहना है कि इस वीडियो के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है और रिंकू सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि रिंकू सिंह को सार्वजनिक रूप से इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस शिकायत के बाद, यह मामला अब सिर्फ सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी दायरे में भी आ गया है, जिससे रिंकू सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इस विवाद से इतर, रिंकू सिंह के हालिया क्रिकेट प्रदर्शन की बात करें तो वह शानदार फॉर्म में रहे हैं और उन्होंने हाल ही में संपन्न हुई विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश टीम की कप्तानी की थी। उनकी अगुवाई में, उत्तर प्रदेश की टीम ने टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि, दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्हें सौराष्ट्र के खिलाफ 17 रनों की करीबी। हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस टूर्नामेंट में रिंकू सिंह ने बल्ले से भी कुछ महत्वपूर्ण और आकर्षक पारियां खेली थीं, जिससे भारतीय टीम में उनकी वापसी की उम्मीदें और मजबूत हुई थीं।
आगे की राह और संभावित प्रभाव
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले इस विवाद का रिंकू सिंह। के मानसिक और खेल प्रदर्शन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है। एक ओर जहां उन्हें मैदान पर अपनी प्रतिभा साबित करनी है, वहीं दूसरी ओर उन्हें इस विवाद से भी निपटना होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) या टीम प्रबंधन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना खिलाड़ियों के लिए सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करते समय अधिक सावधानी बरतने। की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है, खासकर जब धार्मिक या संवेदनशील विषयों से संबंधित हो। इस पूरे प्रकरण का परिणाम क्या होगा और रिंकू सिंह इस चुनौती से कैसे निपटेंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।