रूस की संसद यानी स्टेट ड्यूमा की 450 सीटों के लिए हुए महत्वपूर्ण चुनावों के नतीजे अब सामने आने लगे हैं। शुरुआती रुझानों और अब तक की मतगणना के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन की पार्टी को संसद में दो तिहाई बहुमत मिल सकता है, जो सरकार को भविष्य में बड़े विधायी निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा। यह चुनाव रूस के लिए राजनीतिक और रणनीतिक दोनों लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन की पार्टी को मिला भारी जनसमर्थन
यूक्रेन के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच हुए इन संसदीय चुनावों में यूनाइटेड रशिया पार्टी का दबदबा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। 450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा के लिए अब तक गिने गए वोटों के आंकड़ों के मुताबिक, पुतिन की पार्टी 57 फीसदी वोटों के साथ अन्य सभी दलों से काफी आगे चल रही है। यह चुनाव रूस के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह देश का पहला संसदीय चुनाव है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस पूरे चुनावी अभियान को राष्ट्रीय एकता और रूसी सैनिकों के प्रति सम्मान और समर्थन से जोड़कर पेश किया है।
विपक्ष की अनुपस्थिति और मतदान का प्रतिशत
इस चुनाव की एक बड़ी विशेषता यह रही कि रूसी सरकार ने युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली 'याब्लोको' जैसी विपक्षी पार्टियों और युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों को मुख्य राष्ट्रीय सूची से बाहर कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप चुनावी मैदान में केवल वही राजनीतिक दल बचे थे जो सरकार की नीतियों और युद्ध के प्रति उसके रुख का समर्थन करते हैं। यूक्रेन के लगातार होते ड्रोन हमलों के बावजूद रूस में इस बार करीब 57 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है। चुनाव आयोग के अनुसार, अंतिम नतीजे 25 सितंबर के आसपास आने की उम्मीद है, जिसमें यूनाइटेड रशिया को दो-तिहाई सीटें मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन का भीषण हमला
चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दिन यूक्रेन की ओर से रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया गया। यूक्रेन ने मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए 1600 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें से करीब 450 ड्रोन सीधे मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। रूसी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कम से कम 2 लोगों की जान चली गई है, जिनमें एक 44 साल की महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। मॉस्को के मेयर ने जानकारी दी कि राजधानी की एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को भी इस हमले में नुकसान पहुंचा है, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
जेलेंस्की और ट्रंप की बातचीत और भविष्य की रणनीति
इन हमलों और चुनावी गहमागहमी के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर लंबी बातचीत की है। इस बातचीत के बाद जेलेंस्की ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को पास करने में सहयोग के लिए ट्रंप का धन्यवाद अदा किया है। इस बीच, रूस में चुनावी नतीजों के बाद यह माना जा रहा है कि पुतिन की सरकार यूक्रेन पर और भी कड़े जवाबी हमले कर सकती है। 450 सीटों वाली संसद में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद पुतिन की स्थिति घरेलू राजनीति में और भी मजबूत हो जाएगी।
