पेपर लीक पर बीजेपी का विपक्ष पर हमला, कर्नाटक और झारखंड के मुद्दों पर चुप्पी को लेकर घेरा

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है और कर्नाटक व झारखंड की घटनाओं पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर घेरा और पात्रा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामले में विपक्ष का रवैया दोहरा और पक्षपाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल कर्नाटक और झारखंड में हो रहे पेपर लीक के मामलों पर खामोश क्यों हैं। पात्रा ने पूछा कि राहुल गांधी इन राज्यों में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि अन्य जगहों पर वे इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हैं।

विपक्ष का दोहरा मापदंड और चुनिंदा आक्रोश

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का दोहरा रवैया पूरी तरह से उजागर हो गया है। उन्होंने बताया कि झारखंड में हजारों छात्र रोजाना सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद, कांग्रेस पार्टी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे इन छात्रों के समर्थन में एक शब्द भी नहीं बोल रही है। पात्रा ने आगे कहा कि वे संसद में भी यह मुद्दा नहीं उठा रहे हैं क्योंकि यह उनका चुनिंदा आक्रोश है। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी इस गंभीर मुद्दे का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए करने की कोशिश कर रही है।

संसद की कार्यवाही में बाधा और करोड़ों का खर्च

संसद के मानसून सत्र का जिक्र करते हुए बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि एक सत्र के आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। उन्होंने दुख जताया कि जब से सदन की कार्यवाही शुरू हुई है, संसद में एक भी प्रश्नकाल नहीं हो पाया है। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की कुछ पार्टियों के व्यवहार के कारण लगभग किसी भी बिल पर सार्थक चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य सदन की कार्यवाही को बाधित करना है, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है।

कर्नाटक में प्रियांक खरगे का विवादित बयान

संबित पात्रा ने कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया और उन्होंने बताया कि जब कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में पेपर लीक को लेकर छात्रों ने विरोध किया और प्रियांक खरगे से उनकी जिम्मेदारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेहद विवादित टिप्पणी की। खरगे ने कहा था कि पहले छात्रों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दो, फिर हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद ही मैं अपने इस्तीफे के बारे में सोचूंगा। पात्रा ने सवाल किया कि इस तरह के संवेदनहीन बयान पर राहुल गांधी अब तक चुप क्यों हैं और क्या वे आज भी संसद को चलने नहीं देंगे।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में जांच का विवरण

झारखंड में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच तेज हो गई है और झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से सीआईडी अधिकारियों ने सोमवार को लगभग 7 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ जेपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के सिलसिले में थी। यह चौथा मौका था जब पूर्व अध्यक्ष को सीआईडी के सवालों का सामना करना पड़ा और इससे पहले सीआईडी ने 28 जुलाई को खियांग्ते से 9 घंटे और 29 व 31 जुलाई को 8-8 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। खियांग्ते ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विवाद के बीच 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें पिछले साल फरवरी में राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद जेपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

रांची में छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराई जाए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। छात्र 29 जुलाई से एक स्थानीय स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। पात्रा ने इन छात्रों की स्थिति पर कांग्रेस की चुप्पी को शर्मनाक बताया।