शेयर बाजार में नया इतिहास: BSE के साथ MSEI पर भी लिस्ट होंगे NSE के शेयर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयर गुरुवार को बीएसई और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MSEI) पर लिस्ट होने के लिए तैयार हैं।

भारतीय पूंजी बाजार में गुरुवार को एक नया इतिहास रचा जाने वाला है क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों की बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग होने जा रही है। गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयर न केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे बल्कि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MSEI) पर भी इनकी लिस्टिंग होगी। यह भारतीय वित्तीय बाजार के लिए एक बड़ा कदम है क्योंकि देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज अब अन्य प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म पर एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली इकाई बन जाएगा।

MSEI का सर्कुलर और ट्रेडिंग की जानकारी

मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (MSE) ने बुधवार को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि NSE के इक्विटी शेयरों को 24 सितंबर से एक्सचेंज के कैपिटल मार्केट सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए शामिल किया जाएगा। MSEI भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मान्यता प्राप्त एक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है और यह कैपिटल मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और डेट सेगमेंट में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की सुविधा प्रदान करता है। वर्तमान में इसके प्लेटफॉर्म पर 250 से ज्यादा लिस्टिंग मौजूद हैं और ट्रेडिंग के लिए 3100 से ज्यादा कंपनियां उपलब्ध हैं।

नियामक नियम और आशीष चौहान का स्पष्टीकरण

NSE के शेयरों को बाहरी एक्सचेंजों पर लिस्ट करने का फैसला NSE के एमडी और सीईओ आशीष चौहान के उस स्पष्टीकरण के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि स्टॉक एक्सचेंज अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों की ट्रेडिंग के लिए सेबी की मंजूरी नहीं मांगेगा। मार्केट रेगुलेटर सेबी के मौजूदा नियम किसी भी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपनी सिक्योरिटीज को लिस्ट करने की अनुमति नहीं देते हैं। इसी कारण NSE के शेयरों की ट्रेडिंग कल BSE और MSEI दोनों पर एक साथ शुरू होगी। बाजार इस साल की सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक के लिए ग्रे मार्केट के रुझानों पर पैनी नजर रखे हुए है।

IPO का विवरण और ग्रे मार्केट प्रीमियम

लिस्टिंग से ठीक पहले NSE के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में IPO प्राइस से केवल 2 प्रतिशत ज्यादा प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे जो कल एक सुस्त शुरुआत का संकेत दे सकता है। कल होने वाली लिस्टिंग के साथ ही BSE के बाद भारत के दूसरे लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंज के रूप में NSE की लंबी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) इस महीने की शुरुआत में लॉन्च किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12 दशमलव 64 करोड़ शेयरों की 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए 22562 करोड़ रुपये जुटाना था। चूंकि यह एक OFS है इसलिए IPO से मिलने वाली पूरी रकम NSE को नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

एंकर इन्वेस्टर्स और विदेशी निवेश

NSE के शेयरों के लिए 1700 रुपये से 1785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। 8 शेयरों के लॉट साइज के साथ रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम आवेदन की राशि 14280 रुपये बनता है। पब्लिक बिडिंग शुरू होने से एक दिन पहले स्टॉक एक्सचेंज ने 150 से ज्यादा एंकर इन्वेस्टर्स से 6746 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर बुक में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का हिस्सा 2883 करोड़ रुपये यानी 43 प्रतिशत रहा। इसमें 20 से ज्यादा विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स ने हिस्सा लिया जिनमें सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और नॉर्जेस बैंक जैसे बड़े नाम शामिल थे।

घरेलू निवेशकों की भागीदारी और LIC-SBI का निवेश

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी इस इश्यू में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई। एंकर बुक का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा यानी 3588 करोड़ रुपये 25 से ज्यादा म्यूचुअल फंड और 11 बीमा व पेंशन कंपनियों द्वारा निवेश किया गया। NSE में 10 दशमलव 72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े शेयरधारक LIC ने एंकर राउंड के दौरान LIC, LIC म्यूचुअल फंड और LIC पेंशन फंड के जरिए 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया। यह निवेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि LIC की मौजूदा होल्डिंग पहले से ही IPO में पेश की जा रही हिस्सेदारी से ज्यादा है और इसके अलावा SBI ग्रुप जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और SBI कैपिटल मार्केट्स के जरिए NSE में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रहा है उसने भी SBI म्यूचुअल फंड, SBI जनरल, SBI लाइफ और SBI पेंशन फंड के जरिए एक्सचेंज में निवेश किया। उनका कुल निवेश 400 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।

सब्सक्रिप्शन के आंकड़े

NSE के पहले पब्लिक इश्यू को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच चली तीन दिनों की पब्लिक बिडिंग के दौरान इसे कुल ऑफर साइज से लगभग 6 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने अपने आरक्षित हिस्से को लगभग 13 गुना बुक किया। वहीं रिटेल निवेशकों के हिस्से को 1 दशमलव 4 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के हिस्से को 6 दशमलव 6 गुना सब्सक्राइब किया गया।