भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को निवेशकों को जबरदस्त उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। कारोबार की शुरुआत काफी सकारात्मक रही और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों ने ही दिन के दौरान मजबूत बढ़त हासिल की। हालांकि, दोपहर के सत्र में अचानक आई बिकवाली ने बाजार की पूरी तस्वीर बदल दी। सेंसेक्स, जो कारोबार के दौरान 77,800 के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, वहां से करीब 700 अंक नीचे फिसल गया। इसी तरह, निफ्टी ने भी 24,260 का इंट्राडे हाई छुआ था, लेकिन वहां से इसमें लगभग 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद, राहत की बात यह रही कि दोनों प्रमुख सूचकांक अंत में मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
बाजार की क्लोजिंग और उतार-चढ़ाव का विवरण
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स कल के मुकाबले 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 34 अंक चढ़कर 24,056 के स्तर पर रहा। हालांकि बाजार हरे निशान में बंद हुआ, लेकिन दिन के ऊपरी स्तरों से आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और सुबह के समय बाजार में अच्छी खरीदारी देखी जा रही थी, लेकिन दोपहर बाद मुनाफावसूली हावी हो गई, जिससे बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त का एक बड़ा हिस्सा गंवा दिया।
मेटल सेक्टर में भारी गिरावट बनी मुख्य वजह
बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेटल सेक्टर में देखी गई कमजोरी रही और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इस सेक्टर के प्रमुख शेयरों में शामिल हिंदुस्तान जिंक के शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। इसके अलावा, वेदांता और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी (NALCO) के शेयरों में भी करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) में एल्युमिनियम और चांदी की कीमतों में आई कमी ने इन कंपनियों पर दबाव बनाया। साथ ही, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की आशंका ने भी मेटल सेक्टर की धारणा को प्रभावित किया।
आईटी, एनर्जी और पावर शेयरों का प्रदर्शन
मेटल के अलावा अन्य महत्वपूर्ण सेक्टरों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया। आईटी, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और पावर सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का माहौल रहा। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, एनटीपीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे बड़े और दिग्गज शेयर लाल निशान में बंद हुए। इन सेक्टरों में आई कमजोरी ने बाजार की तेजी की रफ्तार को पूरी तरह से रोक दिया और सूचकांकों को नीचे खींच लिया।
ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर ने संभाला मोर्चा
जहां एक तरफ कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव था, वहीं ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), मारुति सुजुकी और इंडिगो के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। ऑटो इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एफएमसीजी इंडेक्स में भी करीब 0 दशमलव 7 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इन सेक्टरों में आई खरीदारी की वजह से ही बाजार बड़ी गिरावट से बचने में सफल रहा और अंत में हरे निशान में बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का हाल
बाजार में जोखिम लेने की क्षमता यानी रिस्क एपेटाइट भी आज कमजोर नजर आई और निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों ही करीब 0 दशमलव 5 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई इस गिरावट से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि निवेशक इस समय बड़े स्तर पर मुनाफावसूली करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू स्तर पर सेक्टर-विशिष्ट दबाव के कारण बाजार में फिलहाल सावधानी का माहौल बना हुआ है।
