शार्क टैंक इंडिया की मशहूर जज नमिता थापर की फार्मा कंपनी, एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। अप्रैल से जून की इस तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 42 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे मुनाफे का आंकड़ा बढ़कर लगभग 294 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी की कुल आमदनी में भी 23 फीसदी की जोरदार तेजी देखी गई है, जो कंपनी की मजबूत बाजार पकड़ और बेहतर कार्यक्षमता को दर्शाती है।
वित्तीय आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण
कंपनी के वित्तीय परिणामों की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा लगभग 207 करोड़ रुपये रहा था, जो अब बढ़कर 293 करोड़ 98 लाख रुपये हो गया है। कामकाज से होने वाली कुल कमाई यानी रेवेन्यू भी 2100 करोड़ रुपये से बढ़कर 2580 करोड़ 45 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, व्यापार के विस्तार के साथ कंपनी के खर्चों में भी वृद्धि हुई है। एक साल पहले जहां कंपनी के कुल खर्च करीब 1810 करोड़ रुपये थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा 2188 करोड़ 99 लाख रुपये रहा है। इन खर्चों के बावजूद कंपनी का एबिटडा (EBITDA) 27 दशमलव 8 प्रतिशत बढ़कर 532 करोड़ 50 लाख रुपये हो गया है। कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी सुधरकर 20 दशमलव 6 प्रतिशत पर आ गया है।
प्रबंधन और नेतृत्व की भूमिका
एमक्योर फार्मा की इस सफलता के पीछे इसके कुशल प्रबंधन का बड़ा योगदान है। नमिता थापर, जो टीवी शो शार्क टैंक इंडिया के जरिए घर-घर में पहचानी जाती हैं, कंपनी में होल टाइम डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वहीं, उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के संस्थापक होने के साथ-साथ सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
विदेशी बाजारों में बढ़ती मांग और घरेलू व्यापार
एमक्योर फार्मा न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना दबदबा बना रही है। जून 2026 की तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के घरेलू कारोबार में 10 दशमलव 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे देश के भीतर से होने वाली कमाई 1095 करोड़ 30 लाख रुपये रही। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी ने और भी शानदार प्रदर्शन किया है। विदेशी बाजारों से होने वाले व्यापार में 34 दशमलव 2 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 1485 करोड़ 10 लाख रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि ग्लोबल मार्केट में कंपनी के उत्पादों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है।
शेयर बाजार में प्रदर्शन और निवेशकों का रिटर्न
शानदार नतीजों के बावजूद, शेयर बाजार में एमक्योर फार्मा के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई और 6 अगस्त को बीएसई पर कंपनी का शेयर 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1936 रुपये 10 पैसे पर बंद हुआ। जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली इस कंपनी का आईपीओ लगभग 1952 करोड़ रुपये का था। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैप 36700 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। 10 रुपये की फेस वैल्यू वाला यह शेयर बीएसई 500 इंडेक्स का हिस्सा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर फायदेमंद साबित हुआ है; पिछले छह महीनों में इसने 28 फीसदी, एक साल में 36 फीसदी और पिछले दो सालों में करीब 50 प्रतिशत का तगड़ा रिटर्न दिया है।
डिविडेंड की घोषणा और महत्वपूर्ण तारीखें
कंपनी ने अपनी बंपर कमाई का फायदा अपने शेयरधारकों को देने का फैसला किया है। एमक्योर फार्मा ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 3 रुपये 60 पैसे प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है। इस डिविडेंड पर मुहर लगाने के लिए 21 सितंबर 2026 को कंपनी की 45वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुलाई गई है। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर डिविडेंड की राशि निवेशकों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी। कंपनी ने इस डिविडेंड के लिए 4 सितंबर को रिकॉर्ड डेट तय किया है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे ही इस डिविडेंड को पाने के हकदार होंगे।
