Bollywood / WhatsApp तक नहीं चलाते थे KK, बात करने के लिए सीधे कॉल करना होता था

दिग्गज प्लेबैक सिंगर केके का हाल ही में निधन हो गया। केके ने शंकर महादेवन के साथ मिलकर 'It’s The Time To Disco' और 'कोई कहे कहता रहे' जैसे सुपरहिट गाने दिए थे। शंकर महादेवन और केके के बीच दोस्ती इतनी गहरी थी जिसे बयां कर पाना मुश्किल है। दोनों के बीच एक बेहद खास बॉन्ड था। हाल ही में शंकर महादेवन ने केके के साथ बिताए अपने उस बेहद खास वक्त को याद किया।

Bollywood | दिग्गज प्लेबैक सिंगर केके का हाल ही में निधन हो गया। केके ने शंकर महादेवन के साथ मिलकर 'It’s The Time To Disco' और 'कोई कहे कहता रहे' जैसे सुपरहिट गाने दिए थे। शंकर महादेवन और केके के बीच दोस्ती इतनी गहरी थी जिसे बयां कर पाना मुश्किल है। दोनों के बीच एक बेहद खास बॉन्ड था। हाल ही में शंकर महादेवन ने केके के साथ बिताए अपने उस बेहद खास वक्त को याद किया।

बहुत पुराना था केके और शंकर का याराना

शंकर महादेवन ने कहा, 'फिल्मों में साथ आने से पहले भी हम लंबे वक्त तक साथ रहे थे, हम दोनों दोस्त थे, किसी गैंग की तरह। हम साथ में जिंगल्स गाया करते थे और वही धीरे-धीरे हमें फिल्मों तक लेकर आया। जो सबसे शुरुआती फिल्में हमने कीं उनमें दिल चाहता है भी शामिल थी जिसमें 'कोई कहे' करके एक बहुत खास गाना था। ये बहुत स्पेशल गाना था जिसे हमने साथ गाया।'

सोशल मीडिया से नहीं पड़ता था कोई फर्क

शंकर महादेवन ने अपने गुजर चुके दोस्त को याद करते हुए कहा, 'वह अपने परिवार के बारे में बातें किया करता था, लंबी छुट्टियों पर जाया करता था, दुनिया से पूरी तरह कट जाता था, उसे सोशल मीडिया वगैरह से फर्क नहीं पड़ता था, यहां तक कि वो WhatsApp पर भी नहीं था। अगर आपको उससे बात करनी है तो आपको उसे डायरेक्टली कॉल करना पड़ता था। उसे इस बात की फिक्र नहीं थी कि उसके गानों को कितने लाइक्स मिल रहे हैं।'

सिर्फ इस चीज को लेकर चूजी थे केके

केके के बारे में जो चीज सभी को आश्चर्यचकित करती है वो ये कि एक संपूर्ण कलाकार होने के बावजूद उन्हें जिंदगी में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। शंकर महादेवन ने इस बारे में कहा कि उसे इन सब चीजों से फर्क ही नहीं पड़ता था। शंकर महादेवन ने कहा, 'उसे इन सब चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता था। वह बस जो कुछ करता था उसे एन्जॉय करता था। हां, लेकिन वह अपने कॉन्सर्ट्स को लेकर बहुत चूजी था, और किसी के भी बुलाने पर नहीं पहुंच जाता था।'