शेयर बाजार में दिवाली पार्टी से निवेशकों ने कमाए आठ लाख करोड़ रुपये, जानें मुख्य अपडेट

दिवाली के त्योहारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की शानदार तेजी आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी उछाल के चलते निवेशकों ने एक ही दिन में आठ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और सेंसेक्स-निफ्टी नए शिखर पर बंद हुए।

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के त्योहारी हफ्ते की शुरुआत किसी बड़ी पार्टी से कम नहीं रही। सोमवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर चौतरफा खरीदारी का माहौल बन गया, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिला। कारोबार खत्म होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,233 रुपये 25 पैसे अंक यानी 1 प्रतिशत 66 फीसदी की बड़ी छलांग लगाकर 75,692 रुपये 78 पैसे के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 387 रुपये 70 पैसे अंक यानी 1 प्रतिशत 68 फीसदी चढ़कर 23,440 रुपये 80 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तूफानी तेजी ने हफ्ते के पहले ही दिन निवेशकों की झोली भर दी और दलाल स्ट्रीट पर जश्न का माहौल बन गया।

एक दिन में निवेशकों ने कमाए आठ लाख करोड़ रुपये

बाजार में आई इस ऐतिहासिक तेजी से निवेशकों को भारी मुनाफा हुआ। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप आज बढ़कर 4,82,41,458 रुपये 47 पैसे पर पहुंच गया, जो कि पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को 4,74,37,038 रुपये 61 पैसे था। इस तरह एक ही दिन के कारोबार में बीएसई के मार्केट कैप में 8,04,419 रुपये 86 पैसे करोड़ का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। वित्तीय बाजार की भाषा में कहें तो सोमवार की इस शानदार तेजी के दम पर निवेशकों ने एक ही दिन में आठ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की तगड़ी कमाई कर ली है।

निफ्टी ने तोड़ा पांच महीने का पुराना रिकॉर्ड

सोमवार को बाजार में आई यह तेजी कई मायनों में बेहद खास और यादगार रही। दोनों प्रमुख सूचकांक डेढ़ फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी में 12 जून के बाद यानी करीब 5 महीने की सबसे बड़ी इंट्रा-डे तेजी देखने को मिली है। इस शानदार उछाल के बदौलत निफ्टी 23 सितंबर के बाद के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया, जो कि इसका 6 हफ्ते का नया हाई है। बैंकिंग शेयरों ने भी इस तेजी में पूरा साथ निभाया, जिससे बैंक निफ्टी 55,000 के आंकड़े के पार बंद होने में पूरी तरह कामयाब रहा। पूरे दिन के कारोबार के दौरान लगभग 2668 शेयरों में तेजी का रुख रहा, जबकि 1469 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा 162 शेयरों के भाव में दिनभर कोई बदलाव नहीं देखा गया। उधर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मामूली बढ़त के साथ 94 रुपये 90 पैसे पर बंद हुआ, जो कि इससे पिछले सत्र में 94 रुपये 95 पैसे पर बंद हुआ था।

रिलायंस के शेयरों ने कराई निवेशकों की बंपर कमाई

निवेशकों को आठ लाख करोड़ रुपये की बंपर कमाई कराने वाली इस तूफानी तेजी का सबसे बड़ा इंजन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का शेयर रहा। अपने शानदार तिमाही नतीजों के बाद देश की इस सबसे मूल्यवान कंपनी के शेयर पर निवेशक टूट पड़े और बीएसई पर पिछले सत्र में यह शेयर 1,163 रुपये 55 पैसे पर बंद हुआ था। सोमवार को जैसे ही बाजार खुला, यह 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 1,227 रुपये 40 पैसे पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही यह बढ़कर 1,251 रुपये 90 पैसे तक पहुंच गया। बाजार बंद होते-होते इसके शेयर रॉकेट की तरह भाग गए और आखिर में यह 11 प्रतिशत 60 फीसदी की जोरदार तेजी के साथ 1,300 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

तिमाही नतीजों से बाजार में आया जबरदस्त जोश

बाजार की इस दिवाली पार्टी के पीछे कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजे हैं और एमओएफएसएल की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सामने आए दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान के बिल्कुल मुताबिक ही रहे हैं। महंगे कच्चे माल और वैश्विक स्तर की मैक्रो चुनौतियों के बावजूद देश की कंपनियों में चौतरफा ग्रोथ देखने को मिली है। एमओएफएसएल की कवरेज वाली कंपनियों में पिछले 12 तिमाहियों में सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है। अब तक निफ्टी की 35 कंपनियों के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें 22 प्रतिशत की ग्रोथ रहने का अनुमान जताया गया है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, कोल इंडिया और एक्सिस बैंक का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

स्मॉलकैप कंपनियों का रहा शानदार जलवा

सेक्टर के हिसाब से अगर नजर डालें तो बीएफएसआई, मेटल्स और तेल-गैस कंपनियों में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली है। केवल हेल्थकेयर और सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन ही थोड़ा कमजोर रहा। वहीं कैटेगरी के मोर्चे पर स्मॉलकैप कंपनियों ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिनके नतीजों में 34 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके बाद लार्जकैप कंपनियों में 30 प्रतिशत और मिडकैप कंपनियों में 26 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई दी है। सभी कैटेगरी की कंपनियों के नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे हैं और कुल 43 प्रतिशत कंपनियों का मुनाफा उम्मीद से बेहतर रहा है, जबकि केवल 24 प्रतिशत कंपनियों का मुनाफा उम्मीद से कुछ कम आंका गया है।