Shilpa-Shamita Shetty / शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी ने उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए, भक्तिमय तस्वीरें आईं सामने

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपनी बहन शमिता शेट्टी के साथ उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। दोनों बहनों ने पवित्र शयन आरती में भाग लिया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। शिल्पा ने इस अनुभव को 'अद्वितीय' बताया, जबकि शमिता ने पहली बार मंदिर आकर शांति महसूस की।

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी हाल ही में अपनी बहन शमिता शेट्टी के साथ उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। यह यात्रा दोनों बहनों के लिए एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव लेकर आई, जिसकी तस्वीरें और उनके अनुभव सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। शनिवार देर शाम दोनों बहनें मंदिर परिसर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरी श्रद्धा और। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पवित्र आरती में सहभागिता

शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पवित्र शयन आरती में भाग लिया। यह आरती शाम के समय की जाती है और इसमें शामिल होना अपने आप में एक विशेष अनुभव माना जाता है और दोनों बहनें भक्तिमय माहौल में पूरी तरह से डूबी हुई नजर आईं, उन्होंने पूरी एकाग्रता और श्रद्धा के साथ आरती को देखा। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक परिधान धारण किए हुए थे, जो उनकी भक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। मंदिर का वातावरण और आरती की दिव्यता ने उनके अनुभव को और भी यादगार बना दिया।


शिल्पा शेट्टी का आध्यात्मिक अनुभव

अपने इस आध्यात्मिक अनुभव के बारे में बात करते हुए, 'धड़कन' फेम अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस यात्रा को 'विशेष' बताया और कहा कि वह जल्द ही दोबारा इस पवित्र स्थान पर आना चाहेंगी और शिल्पा ने कहा, 'लोग यहां स्वयं नहीं आते, बल्कि स्वयं महाकाल हमें बुलाते हैं। ऐसा लगता है कि आखिरकार हमें हमारा बुलावा मिल गया है। ' उनके इन शब्दों से उनकी गहरी आस्था और इस यात्रा के प्रति उनके मन में बसी श्रद्धा स्पष्ट झलकती है और उन्होंने आगे बताया, 'यह एक अनूठा अनुभव था, और यह पहली बार था जब मैंने शयन आरती में भाग लिया। यह बहुत ही सुनियोजित था। मैं दोबारा आना चाहूंगी और ' उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि यह यात्रा उनके लिए सिर्फ एक दर्शन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आह्वान और एक अविस्मरणीय पल था।

शमिता शेट्टी का पहला महाकाल दर्शन

शिल्पा की बहन शमिता शेट्टी के लिए यह महाकालेश्वर मंदिर की पहली यात्रा थी। भगवान शिव की एक समर्पित भक्त होने के नाते, शमिता ने भी अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें अद्वितीय शांति और आध्यात्मिक संतुष्टि का अनुभव कराया है। शमिता ने बताया, 'मैं यहां पहली बार आई हूं, और जैसा कि शिल्पा ने कहा, आखिरकार मुझे मेरा निमंत्रण मिल गया। और मैं इस समय बहुत शांति महसूस कर रही हूं। यह हम दोनों के लिए और सभी के लिए बहुत ही सुंदर ढंग से आयोजित किया गया है। ' उनके शब्दों से यह स्पष्ट होता है कि पहली बार महाकाल के। दर्शन कर उन्हें जो आंतरिक शांति मिली, वह उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यात्रा उनके आध्यात्मिक जीवन में एक नया अध्याय जोड़ गई।

महाकालेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व

उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे स्थित महाकालेश्वर मंदिर, भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के कारण अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है और यह मंदिर भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक माना जाता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की वास्तुकला और इसका ऐतिहासिक महत्व भी इसे एक अद्वितीय स्थान बनाता है। यहां की परंपराएं और अनुष्ठान सदियों से चले आ रहे हैं, जो भक्तों को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

मंदिर में होने वाले प्रमुख अनुष्ठान

शाम को होने वाली 'शयन आरती' के साथ-साथ, श्रद्धालु शुभ भस्म आरती के लिए भी मंदिर में उमड़ते हैं। भस्म आरती सुबह ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच की जाती है। यह आरती मंदिर के सबसे महत्वपूर्ण और अनूठे अनुष्ठानों में से एक है, जिसे देखने के लिए भक्तगण लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। मंदिर की परंपराओं के अनुसार, यह अनुष्ठान सुबह तड़के बाबा महाकाल के द्वार खोलने के साथ शुरू होता है। इसके बाद पंचामृत से पवित्र स्नान कराया जाता है, जिसमें दूध, दही, घी, चीनी और शहद का एक पवित्र मिश्रण उपयोग किया जाता है। स्नान के बाद, देवता को भांग और चंदन से सुशोभित किया जाता है। अंत में, ढोल की थाप और शंख की गूंज के साथ अनूठी भस्म। आरती और धूपदीप आरती होती है, जो पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती है। शिल्पा और शमिता की यात्रा ने एक बार फिर इस पवित्र स्थल के महत्व को उजागर किया है।