कोरियाई बाजारों में सदी की सबसे बड़ी तेजी: 2026 में 100 प्रतिशत का जोरदार रिटर्न

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार कॉस्पी ने साल 2026 में 100 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न देकर दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। टेक कंपनियों और मेमोरी चिप की भारी मांग के चलते बाजार ने 26 साल पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार ने साल 2026 में वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया है। इस साल दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कॉस्पी ने अपने निवेशकों को 100 प्रतिशत से भी ज्यादा का जोरदार रिटर्न दिया है। यह तेजी इतनी जबरदस्त है कि इसने पिछले 26 वर्षों में दुनिया के किसी भी देश के शेयर बाजार द्वारा दिखाई गई सबसे बड़ी बढ़त का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। जहां एक ओर दुनिया के कई बड़े बाजार संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कॉस्पी की इस आंधी ने पुराने सभी कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया है।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड और नैस्डैक से तुलना

साल 2026 में कॉस्पी का प्रदर्शन न केवल वर्तमान दौर के बाजारों से बेहतर रहा है, बल्कि यह साल 1999 में नैस्डैक द्वारा बनाए गए 102 प्रतिशत के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गया है। गौरतलब है कि 1999 में नैस्डैक में यह तेजी डॉट-कॉम बबल के फटने से ठीक पहले देखी गई थी। दक्षिण कोरिया के बाजार ने 1980 के दशक के अंत में आए औद्योगिक उछाल के दौरान देखी गई ऐतिहासिक तेजी को भी पीछे छोड़ दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल एक बुलबुला नहीं है, बल्कि मेमोरी चिप्स की वैश्विक मांग में आए एक बड़े ढांचागत बदलाव का परिणाम है।

सैमसंग और एसके हाइनिक्स का कमाल

इस शानदार तेजी के पीछे मुख्य रूप से दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनियों का हाथ है। मेमोरी चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनियां जैसे एसके हाइनिक्स इंक और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के शेयरों में हुई भारी बढ़त ने बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इन कंपनियों की बदौलत कॉस्पी इंडेक्स महज कुछ ही महीनों के भीतर 5,000 के स्तर से उछलकर 8,000 के स्तर तक पहुंच गया है। बुधवार के कारोबारी सत्र में इस इंडेक्स में 5 दशमलव 1 प्रतिशत तक की भारी उछाल देखने को मिली, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

आंकड़ों की जुबानी कॉस्पी की कहानी

अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण कोरियाई बाजार की सफलता साफ नजर आती है। साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 दिसंबर को कॉस्पी 4,214 दशमलव 17 अंकों पर बंद हुआ था। बुधवार को यह इंडेक्स 8,457 दशमलव 09 अंकों के अपने उच्चतम शिखर पर पहुंच गया। इसका सीधा मतलब यह है कि कॉस्पी ने इस साल अब तक 4,242 दशमलव 92 अंकों की बढ़त हासिल की है, जो लगभग 101 प्रतिशत का रिटर्न है। पिछले एक महीने में ही कॉस्पी में 24 दशमलव 39 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि पिछले एक हफ्ते में इसमें 12 दशमलव 34 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बुधवार दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर भी बाजार 2 दशमलव 25 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

दुनिया के अन्य बाजारों की स्थिति

दुनिया भर के अन्य बड़े बाजारों की तुलना में दक्षिण कोरिया का प्रदर्शन अद्वितीय रहा है। ताइवान के एक्सचेंज ने इस साल 54 दशमलव 74 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जो कॉस्पी के बाद दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है। जापान के नेक्कई 225 इंडेक्स में इस साल 31 दशमलव 96 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। दुनिया में केवल तीन ही ऐसे देश हैं जिनके बाजारों ने 30 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी में 10 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही है, जबकि डाउ जोंस 5 दशमलव 66 प्रतिशत ऊपर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट 4 दशमलव 65 प्रतिशत बढ़ा है और हैंगसेंग 0 दशमलव 03 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग सपाट रहा है।

भारतीय बाजार का निराशाजनक प्रदर्शन

दक्षिण कोरिया की इस ऐतिहासिक तेजी के विपरीत, भारत के शेयर बाजार के लिए साल 2026 अब तक काफी निराशाजनक रहा है। जहां कोरियाई निवेशक मालामाल हो रहे हैं, वहीं भारतीय निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस साल अब तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही नेगेटिव रिटर्न दिया है। सेंसेक्स में इस साल अब तक 11 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आ चुकी है, जबकि निफ्टी में 8 दशमलव 65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एशिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में भारत का नाम शामिल हो गया है, जो दक्षिण कोरियाई बाजार की तुलना में पूरी तरह विपरीत दिशा में जा रहा है।