साउथ सिनेमा की उभरती हुई सितारा श्रीलीला, जो महज 24 साल की उम्र में तीन बच्चों की मां बन चुकी हैं, इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी कहानी बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन से मिलती-जुलती है, जिन्होंने 24 साल की उम्र में अपनी पहली बेटी रेने को गोद लिया था। श्रीलीला ने भी इसी उम्र में तीन बच्चों को गोद लेकर एक मिसाल कायम की है, हालांकि उनके बच्चों के साथ न रहने की वजह ने कई सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में दिया है।
मातृत्व और कार्य जीवन का संतुलन
श्रीलीला ने हाल ही में गलाटा प्लस से बातचीत में अपने। काम और तीनों बच्चों की परवरिश के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे वह अपने व्यस्त फिल्मी करियर और बच्चों की देखभाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती हैं। यह उनके लिए एक भावनात्मक चुनौती है, जिसे शब्दों में बयां करना उनके लिए अक्सर मुश्किल हो जाता है। अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि इस विषय पर बात करते हुए उन्हें अक्सर घबराहट महसूस होती है, क्योंकि यह उनके जीवन का एक बेहद संवेदनशील और व्यक्तिगत पहलू है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बच्चों की देखभाल का पूरा इंतजाम किया हुआ है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की कमी महसूस न हो।
'पूरी तरह मां' न होने की भावना
इंटरव्यू के दौरान, श्रीलीला ने एक महत्वपूर्ण बात कही कि वह खुद को 'पूरी तरह मां' नहीं मानतीं। यह बयान कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है, लेकिन। श्रीलीला ने इसके पीछे की अपनी व्यक्तिगत कहानी और भावनाओं को साझा किया। उनके अनुसार, मातृत्व की उनकी परिभाषा शायद पारंपरिक धारणाओं से अलग है, और उनकी परिस्थितियां उन्हें एक अलग तरह के मातृत्व का अनुभव कराती हैं। यह भावना उनके बच्चों के साथ न रहने की स्थिति से भी जुड़ी हुई है, जो उन्हें एक आंतरिक संघर्ष से गुजरने पर मजबूर करती है। वह इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि उनके मन में अपने बच्चों के प्रति गहरा प्रेम। और जिम्मेदारी है, लेकिन कुछ परिस्थितियां उन्हें 'पूरी तरह मां' होने की भावना से दूर रखती हैं।
तीन बच्चों को गोद लेने की कहानी
श्रीलीला ने अपने इस नेक सफर की शुरुआत अपनी पहली कन्नड़ फिल्म 'किस' (2019) के दौरान की। उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्देशक उन्हें एक आश्रम लेकर गए। थे, जहां का अनुभव उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित हुआ। आश्रम में बच्चों को देखकर उनके मन में एक अलग तरह का परिवर्तन आया, जिसने उन्हें गोद लेने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद, 2022 में, जब श्रीलीला खुद 21 साल की थीं, उन्होंने उसी आश्रम से दो दिव्यांग बच्चों, गुरु और शोभिता को गोद लिया। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने उन्हें मातृत्व के एक नए आयाम से परिचित कराया। पिछले साल, उन्होंने एक और बेटी को गोद लेकर अपने परिवार को और बड़ा किया, जिससे वह कुल तीन बच्चों की मां बन गईं।
बच्चों के साथ न रहने की वजह
श्रीलीला ने स्पष्ट किया कि उनके तीनों बच्चे फिलहाल उनके साथ नहीं रहते, बल्कि वे आश्रम में ही रहते हैं और उन्होंने बताया कि उनके व्यस्त फिल्मी करियर और लगातार शूटिंग के कारण बच्चों को अपने साथ रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता है। हालांकि, वह यह सुनिश्चित करती हैं कि उनके बच्चों की देखभाल अच्छे से हो और उन्हें किसी भी चीज की कमी न हो। श्रीलीला अक्सर अपने बच्चों से फोन पर बात करती रहती हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह उनसे मिलने आश्रम जाती हैं। यह व्यवस्था उनके लिए एक कठिन निर्णय है, लेकिन वह मानती हैं कि यह उनके बच्चों के सर्वोत्तम हित में है, क्योंकि इससे उन्हें एक स्थिर और सुरक्षित वातावरण मिलता है।
गोपनीयता और प्रेरणा
अभिनेत्री ने बताया कि वह शुरुआत में अपने बच्चों को गोद लेने की बात को गुप्त रखना चाहती थीं। वह इसे एक निजी मामला मानती थीं और इसे लेकर किसी भी तरह की लाइमलाइट या क्रेडिट नहीं चाहती थीं और हालांकि, जिस संस्था से उन्होंने बच्चों को गोद लिया था, उन्होंने श्रीलीला से इस बात को सार्वजनिक करने का अनुरोध किया। संस्था का मानना था कि श्रीलीला की कहानी अन्य लोगों को भी बच्चों को गोद लेने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित कर सकती है और इस पर श्रीलीला कहती हैं कि वह सिर्फ इतना चाहती हैं कि लोग इस बारे में सोचना शुरू करें और समाज में बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़े। वह किसी भी व्यक्तिगत प्रशंसा की इच्छुक नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल दूसरों को प्रेरित करना है।
श्रीलीला का बहुमुखी व्यक्तित्व
श्रीलीला सिर्फ एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि उनका व्यक्तित्व कई अन्य प्रतिभाओं से भी परिपूर्ण है। वह एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम डांसर हैं, जो उनकी कलात्मकता और अनुशासन को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने 2021 में एमबीबीएस की डिग्री भी पूरी की है, जो उनकी बुद्धिमत्ता और शिक्षा के प्रति समर्पण को उजागर करता है। उनका यह बहुमुखी व्यक्तित्व उन्हें साउथ सिनेमा की सबसे चर्चित और प्रभावशाली हस्तियों में से एक बनाता है। फिल्मी मोर्चे पर, श्रीलीला 2025 में 'पुष्पा 2: द रूल'। के स्पेशल सॉन्ग 'किसिक' को लेकर सुर्खियों में रही हैं। अब वह अपनी तमिल डेब्यू फिल्म 'पराशक्ति' में नजर आएंगी, जिसमें शिवकार्तिकेयन लीड रोल में हैं। यह फिल्म पोंगल पर रिलीज होने वाली है, और दर्शक उनकी इस नई भूमिका का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। श्रीलीला का जीवन एक प्रेरणा है, जो दिखाता है कि कैसे एक युवा महिला अपने करियर, शिक्षा और मातृत्व की जिम्मेदारियों को एक साथ निभा सकती है, भले ही इसके लिए उसे कुछ कठिन निर्णय लेने पड़ें।