महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद अब उनकी विरासत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जिरवाल ने संकेत दिए हैं कि अजित पवार की पत्नी और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का अगला डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
नरहरि जिरवाल ने क्या कहा?
पुणे जिले के बारामती में अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए नरहरि जिरवाल ने कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की यह प्रबल इच्छा है कि 'वाहिनी' (भाभी, सुनेत्रा पवार) को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अजित दादा के जाने के बाद जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भरने के लिए सुनेत्रा पवार सबसे उपयुक्त चेहरा हैं। जिरवाल ने स्पष्ट किया कि वह इस संबंध में पार्टी। के शीर्ष नेतृत्व और महायुति गठबंधन के नेताओं से चर्चा करेंगे।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक कद
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा की सदस्य हैं। वह लंबे समय से बारामती और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और हालांकि, वह प्रत्यक्ष रूप से सरकार का हिस्सा नहीं रही हैं, लेकिन अजित पवार के राजनीतिक अभियानों में उनकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। अब जबकि अजित पवार नहीं रहे, तो पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी देकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया जा सकता है।
एनसीपी के दोनों गुटों का विलय?
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर जिरवाल ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि एनसीपी के दोनों गुट (अजित पवार और शरद पवार खेमा) पहले से ही वैचारिक रूप से एक साथ आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी को यह अहसास हो गया है कि अलग-अलग रहने से किसी का भला नहीं होने वाला है। निकाय चुनावों में मिली हार के बाद दोनों गुटों के बीच दूरियां कम हुई हैं और अब वे एक साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
विमान हादसे में हुआ था अजित पवार का निधन
बता दें कि बुधवार को बारामती में एक चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया था, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और अजित पवार जुलाई 2023 में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शामिल हुए थे, जिसके बाद एनसीपी में दो फाड़ हो गए थे। हालांकि, बाद में चुनाव आयोग ने अजित पवार के गुट को ही असली एनसीपी माना था।
महायुति गठबंधन पर असर
महाराष्ट्र में इस समय बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी मिलकर सरकार चला रहे हैं। अजित पवार के जाने के बाद गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। अगर सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाता है, तो यह महायुति के लिए एक भावनात्मक कार्ड भी हो सकता है और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह फैसला काफी अहम साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
फिलहाल, सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन नरहरि जिरवाल जैसे वरिष्ठ नेता का बयान इस ओर इशारा कर रहा है कि पर्दे के पीछे बड़ी तैयारी चल रही है। महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के अगले कदम पर टिकी हैं।
