बॉलीवुड एक्टर गोविंदा की पर्सनल लाइफ अक्सर सुर्खियों में रहती है, और हाल ही में उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने एक बार फिर इन अफवाहों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। लंबे समय से गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में खटास और गोविंदा के अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन सुनीता ने हमेशा इन बातों को खारिज किया है। एक नए पॉडकास्ट इंटरव्यू में, सुनीता आहूजा ने अपने बेबाक अंदाज में इन सभी अटकलों पर खुलकर बात की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि वह अपने रिश्ते को लेकर कितनी दृढ़ हैं।
“गोविंदा सिर्फ मेरा है”
मिस मालिनी को दिए एक इंटरव्यू के प्रोमो में, सुनीता आहूजा ने गोविंदा की निजी जिंदगी से जुड़ी अटकलों पर अपनी राय रखी और उन्होंने बेहद मजबूती से कहा कि कोई भी उन्हें और गोविंदा को अलग नहीं कर सकता। सुनीता ने जोर देकर कहा, “कोई भी हम दोनों को अलग नहीं कर सकता और अगर कोई ऊपर से भी आ जाए, तो भी मेरा गोविंदा सिर्फ मेरा है और किसी और का नहीं। ” यह बयान उनके रिश्ते की गहराई और उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है कि उनका बंधन किसी भी बाहरी प्रभाव से मजबूत है। उनके शब्दों में अपने पति के प्रति गहरा प्यार और स्वामित्व की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।
“कभी माफ नहीं करूंगी…”
गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की अफवाहों पर बात करते हुए, सुनीता ने एक सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “ऐसी औरतें उसकी जिंदगी में आती रहती हैं और लेकिन तुम थोड़ी बेवकूफ हो। तुम 63 के हो गए हो। तुम्हें टीना की शादी करवानी चाहिए। यश का अभी करियर है। मैं गोविंदा को नहीं माफ करूंगी। मैं नेपाल की हूं। अगर मैंने खुकरी निकाल ली तो सब मुसीबत में पड़ जाएंगे और इसलिए मैं उससे कहती हूं, सावधान रहो, अभी भी समय है। ” यह बयान उनकी दृढ़ता और परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने गोविंदा को उनकी उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों की याद दिलाई, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की बेवफाई को बर्दाश्त नहीं करेंगी और 'खुकरी' का जिक्र उनकी नेपाली पृष्ठभूमि और उनके मजबूत व्यक्तित्व को उजागर करता है, जिससे उनकी चेतावनी और भी गंभीर लगती है।
बेटे के करियर पर क्या बोलीं सुनीता
सुनीता आहूजा ने अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के करियर के बारे में भी बात की, जो फिलहाल फिल्मों में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोविंदा का बेटा होने के बावजूद, यशवर्धन ने कभी अपने पिता से मदद नहीं मांगी, और गोविंदा ने भी उसकी कोई सहायता नहीं की और सुनीता ने इस बात पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “गोविंदा का बेटा होने के बावजूद, उसने कभी उनसे ये नहीं कहा, ‘प्लीज मेरी मदद करो’ और गोविंदा ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। मैंने गोविंदा से कहा कि तू सच में बाप है क्या या नहीं और ” यह टिप्पणी गोविंदा और यशवर्धन के रिश्ते में एक अलग पहलू को सामने लाती है, जहां सुनीता अपने बेटे के स्वतंत्र प्रयासों और गोविंदा की निष्क्रियता पर सवाल उठा रही हैं। यह उनके परिवार के भीतर की गतिशीलता और सुनीता के अपने बच्चों के प्रति समर्थन को दर्शाता है।