Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीत चुकी कांग्रेस को मुख्यमंत्री चुनना मुश्किल पड़ता दिख रहा है. सीएम पर मंथन को लेकर शिमला में दोपहर 3 बजे बैठक होगी, जिसमें कई बड़े नेता शामिल होंगे. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला हिमाचल पहुंच चुके हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने भी दावेदारी पेश की है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पर फैसला आलाकमान तय करेगा. प्रतिभा सिंह का कहना है कि सोनिया गांधी ने उन्हें अध्यक्ष इसलिए बनाया था ताकि राज्य में पार्टी चुनाव जीत सके. प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी से काम किया है और अब नतीजा सबके सामने है. इस वक्त 5 नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं, जिनमें प्रतिभा सिंह, सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, चंद्र कुमार शामिल हैं.
क्या बोलीं प्रतिभा सिंह
"They can't neglect his (Virbhadra Singh) family. We won on his name, face & work. It can't be that you use his name, face & family & give credit to someone else. High Command won't do this," says HP Cong chief Pratibha Singh ahead of Legislative Party meet#HimachalElection2022 pic.twitter.com/PmxkjJ2ymD
— ANI (@ANI) December 9, 2022
बैठक से पहले हिमाचल कांग्रेस की नेता प्रतिभा सिंह ने कहा, 'आलाकमान उनके (वीरभद्र सिंह) परिवार की अनदेखी नहीं कर सकता. हमने उनके नाम, चेहरे और काम पर जीत हासिल की है. ऐसा नहीं है कि आप उनका नाम, चेहरा और परिवार का इस्तेमाल करेंगे और क्रेडिट किसी और को दे देंगे. आलाकमान ऐसा नहीं करेगा.'
कौन हैं प्रतिभा सिंह
मंडी से लोकसभा सांसद
पूर्व CM वीरभद्र सिंह की पत्नी
1998 से राजनीति में सक्रिय
2004 में पहली बार सांसद चुनी गईं
26 अप्रैल 2022 को प्रदेश अध्यक्ष बनी
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की 32वीं अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश में बीजेपी को 43 फीसदी वोट मिले. जबकि कांग्रेस 44 फीसदी वोट पाकर सबसे बड़ी पार्टी बनी. 1 फीसदी वोट आम आदमी पार्टी को मिला. जबकि 12 फीसदी वोट निर्दलीय को हासिल हुआ. हालांकि कांग्रेस इस मसले पर संभल-संभल कर बयान दे रही है. शायद पार्टी नेता ये समझ रहे हैं कि कहीं इस खींचतान से गलत संदेश ना जाए. हिमाचल में विजय हासिल करने के बाद भी सीएम पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. कहीं ना कहीं ये कांग्रेस की कार्यशैली को दिखाता है. अब देखने वाली बात ये होगी कि कांग्रेस का कन्फ्यूजन कब खत्म होगा.
