टी20 वर्ल्ड कप 2026: मोहम्मद आमिर का भारत के सेमीफाइनल पर चौंकाने वाला दावा

पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने दावा किया है कि भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाएगी। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुपर-8 राउंड में टीम इंडिया का सफर समाप्त हो सकता है।

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड की शुरुआत से ठीक पहले क्रिकेट जगत में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने भारतीय टीम की संभावनाओं को लेकर एक विवादास्पद दावा किया है। आमिर के अनुसार, भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचने में विफल रहेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत न केवल इस टूर्नामेंट का मेजबान है, बल्कि मौजूदा चैंपियन के रूप में मैदान पर उतर रहा है और भारतीय टीम ने अपने ग्रुप चरण के सभी चार मैच जीतकर ग्रुप चैंपियन के रूप में सुपर-8 में प्रवेश किया है।

सुपर-8 राउंड की औपचारिक शुरुआत 21 फरवरी से होने जा रही है। इस चरण में कुल 8 टीमों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। भारत को ग्रुप 1 में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी मजबूत टीमों से होगा। दूसरी ओर, ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीमें सेमीफाइनल की दौड़ में शामिल हैं। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।

मोहम्मद आमिर के बयान का मुख्य आधार

मोहम्मद आमिर ने एक निजी टीवी चैनल (GEO TV) पर चर्चा के दौरान भारतीय टीम की बल्लेबाजी इकाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। आमिर के अनुसार, पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले को छोड़कर, भारतीय बल्लेबाजी क्रम अन्य मैचों में निरंतरता दिखाने में विफल रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय बल्लेबाज दबाव की स्थितियों में बिखर सकते हैं और आमिर ने विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की वर्तमान फॉर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि ये टीमें किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हराने की क्षमता रखती हैं। उनके अनुसार, ग्रुप 1 की प्रतिस्पर्धा इतनी कठिन है कि भारत के लिए शीर्ष दो में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।

सुपर-8 राउंड की संरचना और ग्रुप विवरण

आईसीसी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुपर-8 राउंड में टीमों का विभाजन उनके ग्रुप चरण के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। ग्रुप 1 में भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इस ग्रुप की सभी चार टीमों ने अब तक टूर्नामेंट में अपराजित रहने का रिकॉर्ड बनाया है। भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज ने अपने-अपने ग्रुप में 4-4 मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे ने तीन जीत और एक बेनतीजा मैच के साथ अपनी जगह पक्की की है। ग्रुप 2 में श्रीलंका, पाकिस्तान, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल के टिकट के लिए संघर्ष होगा।

ग्रुप-1 में कड़ी प्रतिस्पर्धा की स्थिति

विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रुप 1 को 'ग्रुप ऑफ डेथ' के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इसमें शामिल सभी टीमें वर्तमान में उत्कृष्ट लय में हैं। दक्षिण अफ्रीका की टीम अपनी तेज गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम घरेलू परिस्थितियों और टी20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों के कारण एक बड़ा खतरा मानी जा रही है। जिम्बाब्वे ने भी ग्रुप चरण में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है और मोहम्मद आमिर का मानना है कि इन टीमों के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी की असली परीक्षा होगी, और यदि शीर्ष क्रम विफल रहता है, तो भारत का सफर सुपर-8 में ही थम सकता है।

भारतीय टीम का सुपर-8 मैचों का कार्यक्रम

भारतीय टीम के लिए सुपर-8 की राह काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद, 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। ग्रुप चरण का अंतिम और संभवतः सबसे महत्वपूर्ण मैच 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला जाएगा। इन तीन मैचों में से कम से कम दो जीतना भारत के लिए सेमीफाइनल की राह आसान करने के लिए अनिवार्य माना जा रहा है।

सेमीफाइनल के लिए योग्यता के आवश्यक मानक

सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर रहना आवश्यक है। यदि टीमें समान अंकों पर रहती हैं, तो नेट रन रेट (NRR) निर्णायक भूमिका निभाएगा। भारत के लिए चिंता का विषय यह है कि वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों का नेट रन रेट भी काफी प्रभावशाली है। अधिकारियों के अनुसार, सुपर-8 के सभी मैच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की गई पिचों पर खेले जाएंगे, जहां टॉस और मौसम की स्थिति भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। भारतीय टीम प्रबंधन वर्तमान में खिलाड़ियों की फिटनेस और बल्लेबाजी क्रम के संयोजन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि आमिर जैसे आलोचकों के दावों को गलत साबित किया जा सके।

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