नई दिल्ली / तीस हजारी बवाल: नाराज पुलिसवालों को मनाने पहुंचे कमिश्नर, बोले- परीक्षा, अपेक्षा, प्रतीक्षा की घड़ी

AMAR UJALA : Nov 05, 2019, 03:14 PM

नई दिल्ली | दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के बाहर बीते शनिवार(2 नवंबर) को पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले ने आज एक नया मोड़ ले लिया है। बीते तीन दिनों से जहां देशभर में वकील इस घटना का विरोध कर रहे थे वहीं आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर पटनायक के समझाने का भी नहीं हुआ असर

इस बीच दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक पुलिसकर्मियों से मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पिछले कुछ दिनों से परीक्षा की घड़ी है लेकिन ये हमेशा से रही हैं। हमने तरह-तरह की परिस्थिति को हैंडल किया। परिस्थिति उस दिन के हिसाब से सुधर रही है। तो इस स्थिति को हम परीक्षा की तरह माने और जो जिम्मेदारी हमें दी गई है उसे हम संभाले और कानूनी की रखवाली करें।

हमारे लिए ये अपेक्षा की भी घड़ी है। हमसे सरकार और जनता अपेक्षा करती है और हमने उसे हमेशा पूरा किया वैसे आगे भी करें। ये हमारे लिए प्रतीक्षा की भी घड़ी है। प्रतीक्षा की घड़ी इसलिए भी कि हाईकोर्ट ने जो जांच कमेटी बैठाई है वह न्याय करेगी।

उन्होंने प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों से ड्यूटी पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली पुलिस को  उनके पूरे भाषण के दौरान जबरदस्त नारेबाजी जारी रही। पुलिसवालों ने नारेबाजी की कि, पुलिस कमिश्नर कैसा हो किरण बेदी जैसा हो। इन नारों के बीच पुलिस कमिश्नर को वापस लौटना पड़ा।

कांग्रेस का बीजेपी पर हमला

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के इतिहास में इस तरह का प्रदर्शन पहली बार हो रहा है। इसी पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा, '72 साल में पहली बार - पुलिस प्रदर्शन पर! क्या ये है भाजपा का ‘न्यू इंडिया’? देश को कहां और ले जाएगी भाजपा? कहां गुम हैं गृह मंत्री, श्री अमित शाह? मोदी है तो ही ये मुमकिन है!'

डीसीपी ईश सिंघल भी नहीं दिला सके भरोसा

इस बीच सड़क पर उतरे पुलिसकर्मियों को समझाने के लिए आला अधिकारी डीसीपी ईश सिंघल उनके बीच पहुंचे और कार्रवाई करने का भरोसा भी दिलाया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी बात मानने के बजाय, 'हमें न्याय चाहिए'(वी वांट जस्टिस) के नारे लगाए।

ईश सिंघल ने उनसे कहा कि आप लोगों की मंशा जायज है, आपका आना विफल नहीं जाएगा, हमलोग बैठकर बात करेंगे। यह सुनते ही प्रदर्शनरत पुलिसवाले शोर मचाने लगे।

फिर अधिकारियों ने उनसे शांति बनाए रखने की अपील की और आगे कहा कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। यदि हम सड़क पर इस मुद्दे को हाइलाइट करने की कोशिश करेंगे तो फायदा किसका होगा। उन्होंने ये भी विश्वास दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लगाई वकीलों को फटकार

दिल्ली के अलग-अलग बार काउंसिल को खत लिखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने फटकार लगाई है कि आप जल्द अपनी हड़ताल खत्म करें। आज शाम पांच बजे तक अपनी हड़ताल पर फैसला कर लें।

दिल्ली पुलिस के जवान इस समय काली पट्टी बांधकर मुख्यालय के बाहर जुटे हैं और अपने लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम भी वर्दी के पीछे एक इंसान हैं, हमारा भी परिवार है। हमारी पीड़ा कोई क्यों नहीं समझता।

पुलिसवालों का सवाल है कि मानवाधिकार हमारे लिए नहीं है क्या। हमें कोई भी मारता-पीटता रहे और हम शांत रहें। हमें इंसाफ चाहिए और अगर पुलिस कमिश्नर हमारी बात नहीं सुनते तो हम गृहमंत्रालय तक जाएंगे। वहां तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे।

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट

वहीं दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह एक तथ्यात्मक रिपोर्ट है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने शनिवार की घटना की परिस्थितियों और उसके बाद की गई कार्रवाई का विवरण दिया है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में शनिवार के बाद हुई घटनाओं को शामिल नहीं किया गया है, जैसे सोमवार को हुई एक घटना, जिसमें वकीलों के एक समूह ने साकेत कोर्ट के बाहर एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की।