त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए यह दृढ़ता से कहा कि भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल की वर्तमान सत्ताधारी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें राज्य को बर्बाद करने और अस्थिरता फैलाने के साथ-साथ इसे 'मिनी पाकिस्तान' बनाने की कोशिश करने का दावा भी शामिल था। मुख्यमंत्री साहा का यह बयान आरालिया कम्युनिटी हॉल में आयोजित एक बैठक के दौरान आया, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया।
बंगाल की सत्ताधारी पार्टी पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री साहा ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने पश्चिम बंगाल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। यह बर्बादी केवल प्रशासनिक अक्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राज्य में अस्थिरता का माहौल पैदा करना और एक विशेष एजेंडे के तहत 'मिनी पाकिस्तान' जैसी स्थिति बनाने का प्रयास भी शामिल है। साहा ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल के लोग इन गतिविधियों का विरोध कर रहे हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं, जो आने वाले समय में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा। उनके अनुसार, यह स्थिति राज्य के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है, जिसे केवल भाजपा ही दूर कर सकती है।
विपक्ष की कमजोरी और अवसरवादी गठबंधन
माणिक साहा ने अपने संबोधन में विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि 'डर कमजोरी की निशानी है'। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग डरते हैं, वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन राजनीतिक ताकतों पर निशाना साधा जो कभी सीपीआई (एम) के खिलाफ मजबूती से लड़ी थीं, लेकिन अब चुनावी लाभ के लिए उनके साथ गठबंधन कर रही हैं। साहा ने इसे एक अवसरवादी और सिद्धांतहीन नीति बताया, जो केवल उनके डर और कमजोरी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह कैसा राजनीतिक गठजोड़ है, जहां पुराने दुश्मन अब एक साथ आ गए हैं, और यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे भाजपा की बढ़ती ताकत से भयभीत हैं।
सीपीआई (एम) और कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री साहा ने सीपीआई (एम) और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाना साधा और उन्होंने कहा कि सीपीआई (एम) झूठ बोलने में माहिर है और उसने अपने 35 साल के शासनकाल में राज्य को कुशासन और हिंसा के दलदल में धकेल दिया था। साहा ने याद दिलाया कि कांग्रेस को भी राज्य के लिए कुछ करने के कई अवसर मिले थे, लेकिन उन्होंने सीपीआई (एम) के कुशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ने के बजाय लोगों को धोखा दिया और केवल चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन किया। उन्होंने कहा कि अब लोग समझ गए हैं कि सीपीआई (एम) ने अपने लंबे शासनकाल में। किस तरह से राज्य पर राज किया और कैसे उन्होंने जनता के हितों की अनदेखी की। साहा ने जोर देकर कहा कि इन पार्टियों की विश्वसनीयता अब समाप्त हो चुकी है।
डबल इंजन सरकार की कार्यप्रणाली और उपलब्धियां
साहा ने 'डबल इंजन' सरकार की कार्यप्रणाली और उसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार पूरी रफ्तार से काम कर रही है और इसका उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में सीपीआई (एम) जैसी पार्टियां कहीं। नहीं दिखेंगी, क्योंकि जनता ने भाजपा के विकासोन्मुखी एजेंडे को स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा केवल लोगों के लिए काम करती है, जबकि विपक्ष केवल अपने बारे में सोचता है और घर पर बैठकर सरकार की आलोचना करता रहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से सभी लाभ लेता है, लेकिन फिर भी रंग बदलता रहता है, जो उनकी अवसरवादी राजनीति को दर्शाता है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा का अनुसरण
मुख्यमंत्री साहा ने बताया कि भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा पर चल रही है, जिसका मूल मंत्र 'मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा है' है। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता और नेता इसी सिद्धांत का पालन करते हुए लोगों के लिए काम करता है। यह विचारधारा पार्टी को निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके और साहा ने कहा कि यह भाजपा की कार्यशैली को विपक्ष से अलग करती है, जो केवल सत्ता और व्यक्तिगत लाभ के लिए राजनीति करते हैं।
2014 के बाद देश में आया बदलाव
साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और पूर्वोत्तर क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक 'गुंडा पार्टी' नहीं है; हम। हमला नहीं करते, बल्कि कानून का पालन करके कदम उठाते हैं। यह भाजपा की अनुशासित और विधि-सम्मत कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जो राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
'नया त्रिपुरा' का निर्माण और भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री साहा ने 'नया त्रिपुरा' बनाने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी अब TTAADC (त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल) और उन 10 सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां सीपीआई (एम) ने जीत हासिल की है और यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है ताकि राज्य के हर कोने में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके और विकास का लाभ सभी तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने सीपीआई (एम) के शासनकाल को हिंसा और आतंक के लिए जाना जाता बताया, जहां कई लोगों की हत्याएं हुईं और न्याय नहीं मिला। साहा ने गर्व से कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद। कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है, जो राज्य में शांति और सुशासन का प्रमाण है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का विश्वास
साहा ने अपने संबोधन का समापन पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के प्रति दृढ़ विश्वास व्यक्त करते हुए किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में 'मिनी पाकिस्तान' बनाने की कोशिश की जा रही है, लोग उसका विरोध कर रहे हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं। यह जनविरोध भाजपा के पक्ष में एक मजबूत लहर पैदा कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में भाजपा पश्चिम बंगाल में जीतेगी और कोई भी ताकत उसे सत्ता में आने से नहीं रोक सकती। यह बयान पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों के लिए भाजपा की मजबूत दावेदारी और आत्मविश्वास को दर्शाता है।