अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया है कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) इस शुक्रवार, 19 जून से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक डिजिटल शांति समझौते के बाद लिया गया है, जो क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे तनाव और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच समझौते के ढांचे पर पूरी तरह से सहमति बन गई है और डिजिटल रूप से इस पर हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। अब इस शांति समझौते पर औपचारिक रूप से आमने-सामने हस्ताक्षर करने का कार्यक्रम शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में निर्धारित किया गया है, जो इस कूटनीतिक प्रक्रिया को आधिकारिक रूप देगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व और वर्तमान स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से जारी युद्ध जैसी स्थिति के कारण यह रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया था, जिससे वैश्विक व्यापार पर बुरा असर पड़ा था। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को जानकारी दी कि तेल से लदे जहाजों ने अब इस रास्ते से गुजरना शुरू कर दिया है। वर्तमान में यह मार्ग आंशिक रूप से खुला है, लेकिन शुक्रवार तक इसे पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा। ट्रंप ने बताया कि वर्तमान में इस बात की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है कि समुद्री रास्ते में कहीं कोई बारूदी सुरंगें (माइंस) तो नहीं बची हैं, ताकि जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस रास्ते को खुला रखने के लिए अब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक मिशन की आवश्यकता होगी, जैसा कि लंदन और पेरिस ने प्रस्तावित किया था।
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और ट्रंप का नजरिया
इस ऐतिहासिक समझौते के पीछे ईरान के नेतृत्व में आए बदलाव को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने उल्लेख किया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद ईरान के नेतृत्व में कई बदलाव आए। ट्रंप के अनुसार, "नेताओं का पहला समूह चला गया, जबकि दूसरा समूह भी चला गया और अब हमें तीसरा समूह बहुत समझदार लगा। " उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के अब तेहरान के नए नेतृत्व के साथ अच्छे संबंध बन रहे हैं और ट्रंप ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस पूरे समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जेनेवा में हस्ताक्षर समारोह और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को जेनेवा में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह स्वयं इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं और " ट्रंप ने यह भी नहीं बताया कि जेनेवा जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में और कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके बावजूद, उन्होंने मध्य पूर्व के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मकता दिखाई और कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत सी अच्छी चीजें होने वाली हैं और उन्होंने दोहराया कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
