अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व के साथ होने वाली संभावित सीजफायर वार्ता से पहले एक नई और महत्वपूर्ण शर्त रख दी है। वॉशिंगटन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी नेताओं से उन 8 महिलाओं को तत्काल रिहा करने की अपील की है, जिन पर कथित तौर पर मौत की सजा का खतरा मंडरा रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस मानवीय कदम को दोनों देशों के बीच होने वाली आगामी कूटनीतिक बातचीत के लिए एक आवश्यक और सकारात्मक आधार माना जाएगा।
8 महिलाओं पर फांसी का खतरा और ट्रंप की पहल
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट एयाल याकोबी के एक स्क्रीनशॉट को शेयर किया। याकोबी की इस पोस्ट में गंभीर आरोप लगाया गया था कि ईरान वर्तमान में 8 महिलाओं को फांसी देने की तैयारी कर रहा है। साझा किए गए विवरणों में उन महिलाओं की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिनके जीवन पर मौत की सजा का संकट मंडरा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मानवीय मुद्दे को सीधे तौर पर आगामी कूटनीतिक प्रक्रिया से जोड़ दिया है।
ईरानी नेताओं को ट्रंप का सीधा संदेश
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ईरानी सरकार को सीधे संबोधित करते हुए एक भावुक और कूटनीतिक अपील की और उन्होंने लिखा, "ईरानी नेताओं से, जो जल्द ही मेरे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं, मैं इन महिलाओं की रिहाई की बहुत सराहना करूंगा। मुझे यकीन है कि वो इस बात का सम्मान करेंगे कि आपने ऐसा किया। कृपया उन्हें कोई नुकसान ना पहुंचाएं! यह हमारी बातचीत के लिए एक बेहतरीन शुरुआत होगी!!! " ट्रंप का यह संदेश स्पष्ट करता है कि वह इन महिलाओं की सुरक्षा को वार्ता की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं।
इस्लामाबाद वार्ता और कूटनीतिक संशय
ट्रंप की यह अपील एक ऐसे नाजुक समय पर आई है जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इस वार्ता को लेकर कूटनीतिक माहौल अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि 8 अप्रैल को तय हुआ दो सप्ताह का नाजुक संघर्ष विराम बुधवार को समाप्त होने वाला है। वार्ता में ईरानी अधिकारियों की भागीदारी को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं।
चेतावनी और भविष्य की स्थिति
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि बिना किसी ठोस समझौते के संघर्ष विराम की अवधि समाप्त हो जाती है, तो अमेरिकी सेना अगले आदेश का इंतजार कर रही है। दूसरी ओर, ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान किसी भी प्रकार की धमकी के दबाव में आकर बातचीत की मेज पर नहीं आएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान ट्रंप की इस अपील को स्वीकार कर 8 महिलाओं को रिहा करेगा या तनाव और बढ़ेगा।
"To the Iranian leaders, who will soon be in negotiations with my representatives: I would greatly appreciate the release of these women. I am sure that they will respect the fact that you did so. Please do them no harm! Would be a great start to our negotiations!!!" - President… pic.twitter.com/pxU8xZFvAh
— The White House (@WhiteHouse) April 21, 2026
