ट्रंप का बड़ा बयान: ईरान पर हमला मेरा अपना फैसला, इजरायल ने नहीं मनाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध का निर्णय उनका अपना था, न कि इजरायल के दबाव में। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने और 7 अक्टूबर के हमलों का हवाला देते हुए वेनेजुएला जैसे परिणामों की चेतावनी दी है।

ट्रंप का स्पष्टीकरण: ईरान पर हमला और इजरायल की भूमिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता के प्रयासों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान जारी किया है और उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने इजरायल के दबाव में आकर ईरान पर हमले का निर्णय लिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पर हमला करने के लिए उन्हें इजरायल ने कभी राजी नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद ऐसा किया और उन्होंने इसके पीछे मुख्य कारण यह बताया कि यदि वे ऐसा नहीं करते, तो ईरान परमाणु बम बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था। ट्रंप ने इजरायल पर 7 अक्तूबर को हुए हमास के हमले और उसके बाद पैदा हुए हालात का जिक्र करते हुए इसमें ईरान की भूमिका के मद्देनजर यह बात कही है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का कड़ा रुख और मीडिया पर हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने लिखा, "इजरायल ने मुझे ईरान के साथ युद्ध के लिए कभी नहीं मनाया। " ट्रंप ने मीडिया और चुनावी सर्वेक्षणों पर भी तीखा हमला बोला और उन्होंने कहा कि वे जब 'फेक न्यूज' के पंडितों और पोल्स को देखते-पढ़ते हैं, तो पूरी तरह हैरान रह जाते हैं क्योंकि जो कुछ वे कहते हैं उसमें 90% झूठ और मनगढ़ंत कहानियां होती हैं। उन्होंने पोल्स को पूरी तरह से 'रिग्ड' बताया और इसकी तुलना 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से की।

ईरान को चेतावनी और वेनेजुएला से तुलना

ट्रंप ने अपने बयान में ईरानी नेतृत्व को समझदारी दिखाने की सलाह देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जैसे वेनेजुएला के नतीजे रहे हैं, जिनके बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, ठीक वैसे ही ईरान के नतीजे भी अद्भुत होने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से शासन परिवर्तन (Regime Change) का संकेत देते हुए कहा कि अगर ईरान के नए नेता समझदार हैं, तो ईरान का भविष्य महान और समृद्ध हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी नेताओं को समझदारी नहीं दिखाने पर उनका हाल वेनेजुएला जैसा हो सकता है।

युद्ध के पीछे के आरोपों और करदाताओं के पैसे पर सफाई

ट्रंप ने यह सफाई इसलिए दी है क्योंकि उन पर विपक्ष समेत कई अमेरिकी मीडिया संस्थान यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने इजरायल के कहने पर युद्ध शुरू किया। कई माध्यमों में यह दावा किया जा रहा है कि यह युद्ध अमेरिका का नहीं था, लेकिन नेतन्याहू ने ट्रंप को इसके लिए राजी कर लिया। ईरान भी लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि ट्रंप अमेरिकी करदाताओं का पैसा इजरायल के लिए बर्बाद कर रहे हैं और वह अमेरिका को नहीं, बल्कि इजरायल को ग्रेट बनाना चाहते हैं। ईरान ने कई बार अमेरिकी जनता को पत्र लिखकर भी कहा है कि अमेरिकियों को अपने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछना चाहिए कि वह उनके टैक्स का पैसा उस युद्ध में क्यों फूंक रहे हैं, जो इजरायल का है। इन्हीं आरोपों के जवाब में ट्रंप ने पोस्ट करके स्पष्ट किया है कि यह युद्ध उन्होंने अपनी मर्जी से शुरू किया है।