अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर खत्म होने में अब सिर्फ 1 दिन का समय शेष रह गया है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी धमकी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने बातचीत का रास्ता नहीं अपनाया, तो उसे ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जो उसने पहले कभी नहीं देखी होंगी।
ट्रंप की चेतावनी और JCPOA पर बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी रणनीति साझा की है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ जो नया समझौता (डील) किया जा रहा है, वह 'संयुक्त व्यापक कार्य योजना' (JCPOA) से कहीं बेहतर (FAR BETTER) होगा और गौरतलब है कि JCPOA को आमतौर पर 'द ईरान न्यूक्लियर डील' के नाम से जाना जाता है। ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि ईरान को वार्ता की मेज पर आना ही होगा, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे।
इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों और एक्सियोस के दावे के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह वार्ता बुधवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, अभी तक ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की औपचारिक वार्ता का समय और स्थान पूरी तरह तय नहीं किया जा सका है, लेकिन कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
उच्च-स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने जानकारी दी है कि एक उच्च-स्तरीय अमेरिकी वार्ता टीम पाकिस्तान पहुंच रही है।
इस टीम का उद्देश्य ईरानी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण वार्ता शुरू करना है। दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि धमकी और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। ईरान की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि दबाव की स्थिति में बातचीत संभव नहीं है।
