अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में ईरान के साथ होने वाली दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता से पहले एक बड़ा बयान जारी किया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान के साथ समझौते को लेकर उन पर या उनके प्रशासन पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे एक 'सही डील' का इंतजार कर रहे हैं, जो न केवल अमेरिका के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद हो और ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ होने वाला नया समझौता पूर्व में हुए परमाणु समझौते (JCPOA) की तुलना में कहीं अधिक बेहतर और प्रभावी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया समझौता दुनिया के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच सुनिश्चित करेगा।
वार्ता का दूसरा दौर और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ईरानी नेतृत्व के साथ दूसरे दौर की वार्ता शुरू करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। यह कूटनीतिक प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच बुधवार को सीजफायर (युद्धविराम) की समय सीमा समाप्त हो रही है और इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में 21 घंटे तक चली लंबी चर्चा बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई थी, जिसके बाद अब इस दूसरे दौर की बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
JCPOA की आलोचना और पुराने समझौते पर आरोप
ट्रुथ सोशल पर साझा की गई एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों पर तीखा हमला बोला और उन्होंने JCPOA (Joint Comprehensive Plan of Action) को अमेरिका के इतिहास का सबसे खराब समझौता करार दिया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पुराने समझौते ने ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया था और उन्होंने लिखा, "जो समझौता हम ईरान के साथ कर रहे हैं, वह JCPOA से कहीं बेहतर होगा। JCPOA को आमतौर पर 'ईरान परमाणु समझौता' कहा जाता है। इसे बराक हुसैन ओबामा और 'स्लीपी जो' बाइडेन ने तैयार किया था। यह हमारे देश की सुरक्षा से जुड़ा अब तक का सबसे खराब समझौता था।
1.7 अरब डॉलर की नकदी और सुरक्षा का दावा
7 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम एक बोइंग 757 विमान के जरिए ईरान भेजी गई थी। उन्होंने दावा किया कि यह नकदी इसलिए भेजी गई थी ताकि ईरानी नेतृत्व अपनी मर्जी के अनुसार उसे खर्च कर सके। सी. ), वर्जीनिया और मैरीलैंड के बैंकों से सारी नकदी खाली कर दी गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनकी सरकार ने उस पुरानी डील को खत्म करने की दिशा में कदम नहीं उठाए होते, तो मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर परमाणु खतरा पैदा हो सकता था। ट्रंप ने भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में होने वाला नया समझौता क्षेत्र में “शांति, सुरक्षा और स्थिरता” सुनिश्चित करने का काम करेगा।
कूटनीति का आखिरी रास्ता और युद्ध की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने रेखांकित किया कि यदि उनके नेतृत्व में कोई समझौता होता है, तो वह इस बात की गारंटी देगा कि शांति और सुरक्षा न केवल इजरायल और मध्य-पूर्व के लिए, बल्कि यूरोप, अमेरिका और दुनिया के हर हिस्से के लिए सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी उपलब्धि होगी जिस पर पूरी दुनिया गर्व कर सकेगी और हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि बुधवार को युद्धविराम खत्म होने वाला है और इस्लामाबाद में हो रही यह बातचीत कूटनीति का आखिरी रास्ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह डील सफल नहीं होती है, तो स्थिति बड़े पैमाने पर युद्ध में तब्दील हो सकती है।
