ऑपरेशन नुमखोर: भूटान के रास्ते 15,000 लग्जरी कारों की तस्करी, रडार पर कई फिल्मी सितारे

कस्टम विभाग ने 'ऑपरेशन नुमखोर' के तहत भूटान के रास्ते 15,000 से अधिक लग्जरी कारों की तस्करी का पर्दाफाश किया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में पंजीकृत इन वाहनों से सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है, जिसमें कई फिल्मी हस्तियों के नाम भी संदिग्ध पाए गए हैं।

कस्टम विभाग ने भूटान के रास्ते होने वाली गाड़ियों की तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। इसके लिए विभाग ने ‘ऑपरेशन नुमखोर’ नामक ऑपरेशन चलाया। इसके जरिए पता चला है कि भारत में करीब 15,000 से ज्यादा गाड़ियां अवैध रूप से रजिस्टर कराई गई हैं। बता दें कि ‘नुमखोर’ को भूटानी भाषा में वाहन कहा जाता है। इन गाड़ियों को बिना टैक्स और ड्यूटी चुकाए भारत लाया गया।

ऑपरेशन नुमखोर और तस्करी का पैमाना

इस तस्करी के कारण सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का चूना लगा है। दरअसल, सीमा शुल्क विभाग ने पहले केरल में सिर्फ 35-40 लग्जरी कारों की जांच शुरू की थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच की परतें खुलीं, यह संख्या बढ़कर 15,849 तक पहुंच गई। इन वाहनों को अवैध तरीके से भारतीय सड़कों पर उतारा गया था।

रडार पर फिल्मी सितारे और राज्यों का विवरण

इस मामले में कई मशहूर हस्तियों और फिल्मी सितारों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर ये गाड़ियां खरीदीं। भूटान से सटी सीमा वाले पूर्वोत्तर राज्यों में लगभग सभी वाहन फर्जी तरीके से पंजीकृत थे।

रडार पर कौन-कौन से विशिष्ट फिल्मी सितारे हैं, फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

डिजिटल ऑडिट और फर्जीवाड़े का तरीका

यह गड़बड़ी तब पकड़ में आई जब ‘नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री’ का डिजिटल ऑडिट किया गया। जांच में पता चला कि कई गाड़ियों को फौज से बेची गई पुरानी गाड़ियां बताकर फर्जी ‘डिस्पोजल सर्टिफिकेट’ के आधार पर रजिस्टर कराया गया था और कुछ महंगी कारों के लिए विदेशी दूतावासों या विदेश मंत्रालय के फर्जी पेपर तैयार किए गए थे, ताकि उन पर लगने वाली भारी कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके।

नकली दस्तावेज और भारत-भूटान सीमा शुल्क बैठक

जब सीमा शुल्क विभाग ने इन कागजों की गहन जांच की, तो पता चला कि ये असली जैसे दिखने वाले बेहद हाई-क्वालिटी के नकली दस्तावेज थे। भूटान से भारत में लग्जरी कारों की तस्करी और टैक्स चोरी रोकने के लिए केरल के मुन्नार में भारत-भूटान सीमा शुल्क अधिकारियों की 7वीं बैठक शुरू हुई है। इस बैठक में तस्करी की गई SUV और महंगी गाड़ियों को पकड़ने और भविष्य के लिए कड़े सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।