ट्रंप की जेलेंस्की और नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में मुलाकात, ईरान ने दी युद्ध की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर युद्ध की चेतावनी दी है और यूरोपीय जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के तहत यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इन मुलाकातों की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले जेलेंस्की से मुलाकात की और उसके बाद नेतन्याहू के साथ चर्चा की। अमेरिका की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इन बैठकों को सकारात्मक बताया गया है और हालांकि, इन बंद कमरों में हुई चर्चाओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इन मुलाकातों को बेहद अहम माना जा रहा है।

जेलेंस्की के साथ पैट्रियट मिसाइलों पर चर्चा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपनी मुलाकात के बाद कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी बातचीत मुख्य रूप से उस लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर केंद्रित थी, जिसके माध्यम से यूक्रेन अपने देश में ही पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का निर्माण कर सकेगा। जेलेंस्की ने पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस संबंध में किसी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं या नहीं और यह बैठक उस समय हुई जब ट्रंप की इजरायली प्रधानमंत्री के साथ बैठक प्रस्तावित थी।

नेतन्याहू के साथ उच्च स्तरीय बैठक

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बैठक में अमेरिकी प्रशासन के कई दिग्गज शामिल थे। इजरायली पीएम कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ मौजूद थे और इनके अलावा प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी चर्चा का हिस्सा बने। हालांकि प्रेस के लिए यह बैठक बंद रखी गई थी, लेकिन माना जा रहा है कि इसके एजेंडे में इजरायल-ईरान तनाव के साथ-साथ लेबनान और गाजा में चल रहे युद्ध जैसे गंभीर विषय शामिल रहे होंगे।

पैट्रियट मिसाइलों की अहमियत

ईरान के खिलाफ संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली और महंगे हथियारों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया है। इसमें पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें प्रमुख हैं। इन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया गया है। इसके अलावा, तेहरान द्वारा भेजे गए सुसाइड ड्रोन को मार गिराने में भी इन प्रणालियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि जेलेंस्की इन मिसाइलों के उत्पादन की तकनीक हासिल करने के इच्छुक हैं।

ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य पर नई धमकी

एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल तनाव कम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा है कि तेहरान होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जिसमें युद्ध को फिर से शुरू करना भी शामिल है और फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ओमान के तट के पास कोई दक्षिणी रास्ता खोलता है, तो वह अपनी संप्रभुता का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि होर्मुज के पास आने वाला कोई भी यूरोपीय जहाज ईरान का वैध निशाना होगा। ईरान की यह धमकी वैश्विक समुद्री व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक मानी जा रही है।