टाइफून बावी: चीन और ताइवान में कुदरत का कहर, 18 लाख लोग बेघर और सड़कों पर तैर रहे सांप

टाइफून बावी और भारी बारिश ने चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 18 लाख लोग बेघर हो गए हैं, जबकि चीन के गुआंक्सी प्रांत में बाढ़ के पानी में 900 सांपों के बहने से दहशत फैल गई है।

टाइफून बावी के कारण दुनिया के तीन प्रमुख देश चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान इस समय कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रहे हैं। बाढ़ की गर्जना इतनी भयानक है कि इसने 18 लाख लोगों को उनके घरों से बेदखल कर दिया है। अपनी जान बचाने के लिए लोग अपना घर-बार और शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हैं। जो लोग समय रहते सुरक्षित ठिकानों तक नहीं पहुंच सके, उनके लिए यह सैलाब एक बड़ी मुसीबत बनकर टूटा है। बाढ़ के भंवर में फंसे इन लोगों की जिंदगी पर हर पल खतरा मंडरा रहा है और उन तक मदद पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। लहरों का कहर ऐसा है कि चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान के कई शहर तबाह होते जा रहे हैं और तूफान की राह में जो कुछ भी आ रहा है, वह पूरी तरह तहस-नहस हो जा रहा है।

चीन में सैलाब का सबसे ज्यादा सितम

भारी बारिश के बाद आई इस बाढ़ ने दुनिया के कई हिस्सों में तबाही मचाई है, लेकिन इसका सबसे क्रूर चेहरा चीन में देखने को मिल रहा है। चीन के कई प्रांतों में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि वहां आपातकाल घोषित करना पड़ा है। गुआंक्सी प्रांत पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और वहां के दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं, लेकिन उफनती लहरें उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही हैं। पानी का वेग इतना प्रचंड था कि इसके सामने बड़े और मजबूत बांध भी ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

गुआंक्सी में आई इस आपदा ने एक और खौफनाक मोड़ ले लिया है। यहां के एक ब्रीडिंग फार्म से करीब 900 सांप बाढ़ के पानी में मिल गए हैं। अब ये सांप शहरों की गलियों और डूबे हुए इलाकों में तैर रहे हैं, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई है। चीन के कई प्रांत इस समय जल और जीवन के बीच चल रही इस जंग के गवाह बन रहे हैं, जहां फिलहाल कुदरत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। गुआंक्सी में न सिर्फ घर, बल्कि इंसान और जानवर भी इस भीषण सैलाब की भेंट चढ़ गए हैं।

सुचिआन और जेजियांग में भारी तबाही

सुचिआन का लेसहन शहर भी इस समय भयावह बाढ़ की चपेट में है। यहां सड़कों पर खड़ी गाड़ियां पानी के तेज बहाव में तिनकों की तरह बहती नजर आ रही हैं। सैलाब के रास्ते में जो कुछ भी आया, वह जलसमाधि ले चुका है। बाढ़ के साथ-साथ बावी तूफान ने भी चीन में दस्तक दी है, जिसने जेजियांग प्रांत को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। तूफान की वजह से बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और राहत कार्य में बाधा आ रही है।

ताइवान और ताजिकिस्तान का हाल

कुदरत का यह क्रोध केवल चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि ताइवान और ताजिकिस्तान भी इसकी चपेट में हैं। ताइवान में तेज तूफान और भारी बारिश ने चारों तरफ तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। वहीं ताजिकिस्तान में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है और बाढ़ के मलबे और पानी के तेज बहाव ने दुकानों, मकानों और गाड़ियों को तहस-नहस कर दिया है। चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान में बाढ़ के इस तांडव के कारण प्रशासन के लिए राहत और बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि 18 लाख से अधिक लोगों की जिंदगियां इस समय खतरे में हैं और वे प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं।