ट्रंप का बड़ा दांव: ईरान से बिना समझौते के जीत की घोषणा की तैयारी

अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में बिना किसी औपचारिक समझौते के अपनी जीत की घोषणा करने की योजना बना रहा है। व्हाइट हाउस ने इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और खुफिया एजेंसी सीआईए इस पर ईरान की संभावित प्रतिक्रिया का आकलन कर रही है।

अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में बिना किसी औपचारिक समझौते के अपनी जीत की घोषणा करने की योजना बना रहा है और व्हाइट हाउस ने इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) इस संबंध में महत्वपूर्ण इनपुट जुटा रही है। खुफिया एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध में खुद की जीत की घोषणा करते हैं, तो इस पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया होगी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस इस युद्ध को एक बोझ मान रहा है और उसकी कोशिश इस स्थिति से तुरंत बाहर निकलने की है।

ईरान के साथ समझौते के कम आसार

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पूर्ण नाकाबंदी को और बढ़ाने का फैसला किया है। वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका को ईरान के साथ किसी भी समझौते के होने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने नए प्रस्ताव तैयार करने के लिए अमेरिका से अतिरिक्त समय की मांग की है और ईरान का स्पष्ट कहना है कि वह अपने सुप्रीम लीडर की रजामंदी के बिना कोई नया प्रस्ताव तैयार नहीं कर पाएगा, जिसमें काफी समय लग सकता है।

आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां

ईरान के इस अड़ियल रवैये ने व्हाइट हाउस की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इस साल के अंत में अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन (मध्यावधि चुनाव) होने हैं। यदि इन चुनावों में ट्रंप की पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है, तो उनके लिए आगे की राह कठिन हो जाएगी। सीनेट और कांग्रेस में बहुमत न होने की स्थिति में सरकार अपनी इच्छा के अनुसार कड़े फैसले नहीं ले पाएगी।

सीआईए द्वारा दो विकल्पों की समीक्षा

रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए वर्तमान में दो रणनीतिक विकल्पों पर एक साथ विचार कर रही है:

व्हाइट हाउस को इस बात का भी डर सता रहा है कि यदि अमेरिका बिना समझौते के जीत की घोषणा करता है और ईरान इसे स्वीकार नहीं करता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की किरकिरी हो सकती है। फिलहाल, सीआईए इन सभी पहलुओं का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि राष्ट्रपति ट्रंप अंतिम निर्णय ले सकें।