Cowin Data Leak: डाटा लीक को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. सोमवार को दावा किया गया है भारतीय नागरिकों की पर्सनल जानकारी, आधार कार्ड और पासपोर्ट की डिटेल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लीक हो गई. मलयाला मनोरमा की एक रिपोर्ट के अनुसार, डाटा लीक कोविड वैक्सीनेशन पोर्टल कोविन से हुआ है, जिसमें जिसमें लोगों ने अपनी पर्सनल डिटेल दर्ज की थी.
रिपोर्ट के अनुसार जब टेलीग्राम बॉट पर कोविन पोर्टल के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है, तो जेंडर, डीओबी और वैक्सीनेशन सेंटर का नाम और उसकी खुराक के साथ वैक्सीनेशन के लिए यूज किए जाने वाले आईडी कार्ड की संख्या का खुलासा होता है. इस डाटा ब्रीच के साथ, भारतीय नागरिकों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट नंबर टेलीग्राम पर हर किसी के लिए अवेलेबल रहे. जब वैक्सीन की खुराक उपलब्ध होती थी तो लोग एक ही मोबाइल नंबर से परिवार के कई सदस्यों के लिए स्लॉट बुक करते थे. रिपोर्ट के अनुसार अगर दर्ज किए गए मोबाइल नंबर से कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, तो टेलीग्राम बॉट एक ही बार में उन सभी की डिटेल सामने रख रहा है.
There are several Opposition leaders which include:
— Saket Gokhale (@SaketGokhale) June 12, 2023
1. Rajya Sabha MP & TMC Leader Derek O'Brien
2. Former Union Minister P. Chidambaram
3. Congress leaders Jairam Ramesh & K.C. Venugopal@derekobrienmp @PChidambaram_IN @Jairam_Ramesh @kcvenugopalmp
(2/7) pic.twitter.com/JnD5EKhPBO
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रवक्ता साकेत गोखले ने भी कोविन का डेटा लीक होने का आरोप लगाया है. उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लीक से जुड़े स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं. इसमें देखा जा सकता है कि पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम समेत कई राजनेताओं और जर्नलिस्ट का डेटा लीक होने का दावा किया गया है.
मलयालम डेली की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण लीक के शिकार लोगों में शामिल रहे. जब उनका नंबर दर्ज किया गया, तो आधार नंबर के अंतिम चार अक्षर और डीओबी के साथ-साथ उनकी पत्नी रितु खंडूरी भूषण उत्तराखंड के कोटद्वार से विधायक की भी डिटेल सामने आई. जबकि कोविन पोर्टल में वन टाइम पासवर्ड ओटीपी की भी सुविधा दी गई थी. अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि टेलीग्राम पर डेटा लीक कैसे हुआ? 2021 में, रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत का वैक्सीन रजिस्ट्रेशन पोर्टल कोविन हैक कर लिया गया है और 15 करोड़ लोगों का डाटाबेस बिक्री के लिए तैयार है. कई साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने इसके पीछे की वेबसाइट को नकली बताते हुए दावे का खंडन किया था.
