PM Modi In Lok Sabha: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत जारी चर्चा का उत्तर दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें 14वीं बार इस मंच पर आकर राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में हम 21वीं सदी का एक चौथाई भाग पार कर चुके होंगे, और यह समय भारत के विकास की दिशा को तय करने वाला होगा। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला और जनता के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार को 10 वर्षों तक देश की सेवा करने का अवसर मिला और इस अवधि में 25 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि दशकों तक लोगों को गरीबी हटाने के नारे सुनने पड़े, लेकिन उनकी सरकार ने इसे वास्तविकता में बदला। उन्होंने गरीबी उन्मूलन के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों को गिनाते हुए कहा कि सरकार ने झूठे नारों की बजाय वास्तविक विकास पर ध्यान केंद्रित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब तक गरीबों को 4 करोड़ घर मिले हैं, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराकर बहन-बेटियों की कठिनाइयों को कम किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत 12 करोड़ परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था, जहां एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंचते थे। लेकिन उनकी सरकार ने तकनीक का उपयोग कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को प्रभावी बनाया, जिससे 40 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचे और 3 लाख करोड़ रुपये फर्जी लाभार्थियों को जाने से बचाए गए। उन्होंने बताया कि सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए जैम पोर्टल का उपयोग किया गया, जिससे 1.15 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार ने स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता दी, जिसके चलते सरकारी दफ्तरों से बेचे गए कबाड़ से 2300 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने इथेनॉल उत्पादन पर जोर देकर देश की ऊर्जा आयात निर्भरता को कम किया और किसानों की आय में वृद्धि की।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में घोटालों में कमी आई है और देश की जनता के पैसे को देश के विकास में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर बजट को बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिससे सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को 1.2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है, जबकि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से 30 हजार करोड़ रुपये की दवाओं की बचत हुई। साथ ही, नल से जल योजना और स्वच्छता मिशन से स्वास्थ्य पर होने वाले खर्चों में भी कमी आई है।
कर सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 से पहले दो लाख रुपये तक की आय कर मुक्त थी, लेकिन आज यह सीमा 12 लाख रुपये तक हो गई है। सैलरीड क्लास को 12.75 लाख रुपये तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।
युवाओं को अवसर प्रदान करने के विषय में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने स्पेस और डिफेंस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोला, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भारत को गेमिंग का ग्लोबल कैपिटल बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है और इस दिशा में AI, 3D प्रिंटिंग और VR जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब्स का उल्लेख करते हुए कहा कि बजट 2025 में 50 हजार नई लैब्स की योजना बनाई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे चुनावी राजनीति में किए गए खोखले वादों के बहकावे में न आएं। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र के हालिया चुनावों का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी सरकार ने वादे पूरे करने के कारण जनता का समर्थन हासिल किया।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन से यह स्पष्ट होता है कि सरकार गरीबों, मध्यम वर्ग और युवाओं के उत्थान के लिए समर्पित है और देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्यरत है।
