भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कंगना ने राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में 'माल' और 'कबाब' जैसे शब्दों के उपयोग को अनुचित और संवेदनहीन बताया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने संसद परिसर में अमेरिका के साथ ट्रेड डील और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। कंगना रनौत ने राहुल गांधी की शब्दावली को उनकी सोच का प्रतिबिंब करार दिया है।
शब्दावली पर कंगना रनौत की तीखी प्रतिक्रिया
कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी के बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस फाइल्स में बच्चियों और महिलाओं के शोषण और मारपीट जैसे गंभीर विषयों का जिक्र है, उसके लिए 'माल' और 'कबाब' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। कंगना ने कहा कि जिस इंसान की सोच इतनी नीच और बुद्धि इतनी भ्रष्ट हो सकती है, उससे और क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने राहुल गांधी की भाषा को महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध बताया और उनके राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी के 'कॉम्प्रोमाइज़्ड' वाले आरोप का संदर्भ
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए दावा किया था कि वह 'कॉम्प्रोमाइज़्ड' (दबाव में) हैं। राहुल गांधी के अनुसार, अमेरिका में अडानी के खिलाफ चल रहा मामला और एपस्टीन फाइल्स दो ऐसे प्रेशर पॉइंट्स हैं, जिनका इस्तेमाल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा था कि एपस्टीन फाइल्स में अभी और 'माल' है जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं वजहों से प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है और देश को यह समझने की जरूरत है।
संसद में गतिरोध और चीन सीमा विवाद
राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से चीन सीमा विवाद और पूर्व सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का संदर्भ लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को लोकसभा में इसी विषय पर भारी हंगामा हुआ, जिसके कारण वह अपना भाषण पूरा नहीं कर सके थे। राहुल गांधी का तर्क है कि सरकार महत्वपूर्ण सूचनाओं को साझा नहीं कर रही है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों में पारदर्शिता की कमी है। हालांकि, सत्ता पक्ष ने उनके इन आरोपों को निराधार बताते हुए संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण और निष्कर्ष
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावों और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध और तेज होने की संभावना है। कंगना रनौत द्वारा राहुल गांधी की भाषा पर हमला करना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह विपक्ष को महिला विरोधी और संवेदनहीन दिखाने का प्रयास करती है। दूसरी ओर, राहुल गांधी द्वारा अंतरराष्ट्रीय मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों को जोड़ना सरकार की छवि को प्रभावित करने की एक कोशिश मानी जा रही है और यह विवाद भारतीय राजनीति में भाषाई मर्यादा और गंभीर विषयों पर चर्चा के स्तर को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi's statement, BJP MP Kangana Ranaut says, "Look at his choice of words, the way he said about the Epstein files too, that there's more 'maal' and 'kebab' in it. What can you expect from a person with such a rotten and corruptmindset?" pic.twitter.com/rr4nis1AAs
— ANI (@ANI) February 5, 2026
