मोदी-शी मुलाकात से डिनर तक: ब्रिक्स समिट 2026 का पूरा पावर शेड्यूल

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मोदी-शी मुलाकात से डिनर तक: ब्रिक्स समिट 2026 का पूरा पावर शेड्यूल
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नई दिल्ली इस समय वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी हुई है क्योंकि यहाँ प्रतिष्ठित ब्रिक्स समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों और विश्व नेताओं का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान जैसे नेता पहले ही इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली पहुँच चुके हैं। आज का दिन इस शिखर सम्मेलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुँचने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है, जिसमें कई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बैठकें, द्विपक्षीय चर्चाएँ और औपचारिक कार्यक्रम शामिल हैं। इस पूरे दिन का मुख्य आकर्षण चीनी राष्ट्रपति के साथ होने वाली बैठक और ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के लिए आयोजित भव्य रात्रि भोज होगा।

हैदराबाद हाउस में सुबह की द्विपक्षीय बैठकें

प्रधानमंत्री मोदी के दिन की शुरुआत विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय बैठकों की एक श्रृंखला के साथ होगी। सुबह 10 बजे, प्रधानमंत्री मोदी हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली का औपचारिक चर्चा के लिए स्वागत करेंगे। इसके तुरंत बाद, सुबह 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ उनकी बैठक होगी। कूटनीतिक गतिविधियों का यह सिलसिला जारी रहेगा और सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, सुबह 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन हुंग के साथ एक बैठक निर्धारित की गई है। ये लगातार होने वाली बैठकें ब्रिक्स ढांचे में भारत की सक्रिय भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

राष्ट्रपति भवन में बैठक और दोपहर का सत्र

जब प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता में व्यस्त होंगे, उसी दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेंगी। वह राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उच्च-स्तरीय चर्चा करेंगी। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, ध्यान सामूहिक ब्रिक्स एजेंडे पर केंद्रित होगा। दोपहर 2:35 बजे, ब्रिक्स सदस्य देशों की एक बंद कमरे में बैठक शुरू होगी, जहाँ नेताओं द्वारा रणनीतिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने की उम्मीद है। इस सत्र के बाद, शाम 4:25 बजे, सभी नेता भारत की तकनीकी प्रगति को देखने के लिए भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन का दौरा करेंगे। इसके बाद शाम 5:05 बजे आधिकारिक फैमिली फोटोग्राफ और एक साथ पेड़ लगाने का कार्यक्रम होगा, जो सदस्य देशों की एकता और विकास का प्रतीक है।

मोदी-जिनपिंग की अहम मुलाकात

आज के दिन का सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक है और भारत मंडपम में शाम 5:45 बजे होने वाली इस बैठक पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नजर है, क्योंकि भारत और चीन के संबंधों की प्रकृति काफी जटिल रही है। इस बातचीत को शिखर सम्मेलन के कूटनीतिक परिणामों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह बैठक बड़े ब्रिक्स जमावड़े की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें इस बार 11 सदस्य देश और 10 पार्टनर देश शामिल हैं, जो इसे अब तक के सबसे महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलनों में से एक बनाता है।

गाला डिनर और मुख्यमंत्रियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था

दिन के कार्यक्रमों का समापन शनिवार शाम 7:30 बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित एक भव्य रात्रि भोज के साथ होगा। इस डिनर में न केवल विदेशी राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे, बल्कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों और 14 से 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्रियों के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है। सभी मुख्यमंत्रियों को शाम 5 बजे से 5:30 बजे के बीच संसद भवन पहुँचने के लिए कहा गया है। वहाँ से सभी मुख्यमंत्री शाम करीब 6 बजे एक साथ बस से भारत मंडपम के लिए रवाना होंगे। यह सामूहिक आवाजाही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए की गई है।

ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

भारत मंडपम में ब्रिक्स का मुख्य मंच दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं की मौजूदगी का गवाह बनेगा। इस मंच पर भारत से नरेंद्र मोदी, चीन से शी जिनपिंग, रूस से व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका से सिरिल रामाफोसा और ईरान से मसूद पेजेश्कियान मौजूद रहेंगे। अन्य प्रमुख नेताओं में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात का प्रतिनिधित्व अबू धाबी के क्राउन प्रिंस कर रहे हैं, जबकि सऊदी अरब ने अपने विदेश मंत्री को प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व के लिए भेजा है। विशेष रूप से, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला इस शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं और उनकी जगह विदेश मंत्री मौरो विएरा ब्राजीलियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके साथ ही ब्रिक्स के पार्टनर देशों के प्रमुख और प्रतिनिधि भी इस वैश्विक मंच का हिस्सा बन रहे हैं।

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