विज्ञापन

ईरान का तेल संकट: ट्रंप की 3 दिन की चेतावनी, पाइपलाइन फटने का खतरा

ईरान का तेल संकट: ट्रंप की 3 दिन की चेतावनी, पाइपलाइन फटने का खतरा
विज्ञापन

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर दोहरी नाकेबंदी के कारण ईरान की आर्थिक और रणनीतिक मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप होने से अब उसके सामने उत्पादित कच्चे तेल का भंडारण करना एक गंभीर चुनौती बन गया है। खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर ईरान की कुल तेल भंडारण क्षमता 3 करोड़ बैरल है, जो मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले 12-13 दिनों में पूरी तरह भर जाने का अनुमान है।

भंडारण संकट और पुराने टैंकरों का उपयोग

तेल निर्यात का रास्ता बंद होने के कारण ईरान अब अपने 30 साल पुराने टैंकर जहाजों का उपयोग कच्चे तेल को स्टोर करने के लिए कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल भंडारण क्षमता 100 प्रतिशत तक पहुंच जाती है, तो ईरान को मजबूरन अपने तेल के कुओं को बंद करना पड़ सकता है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके पास समझौते के लिए केवल 3 दिन का समय बचा है, अन्यथा उसकी तेल पाइपलाइनें फट जाएंगी।

होर्मुज खोलने का प्रस्ताव और कूटनीतिक शर्तें

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें बातचीत की सीमाएं और शर्तें स्पष्ट की गई हैं। ईरान ने साफ किया है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपने मूल मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए तैयार है, लेकिन उसने शर्त रखी है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में होगी। ईरान की मांग है कि अमेरिका पहले नाकेबंदी हटाए और अमेरिका व इजरायल से यह गारंटी मिले कि वे दोबारा हमला नहीं करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव

ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मध्यस्थ को किसी एक पक्ष की ओर नहीं झुकना चाहिए और वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ईरान पर अमेरिका का अपमान करने का आरोप लगाया है। तनाव के बीच ईरान ने ओमान तट के पास एक जहाज को निशाना बनाया जिसमें 17 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, हालांकि राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं।

रूस के साथ रणनीतिक वार्ता

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। अराघची ने कहा कि ईरान और रूस के बीच उच्च स्तरीय रणनीतिक साझेदारी है और उन्होंने युद्ध के दौरान रूस के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अराघची ने यह भी दावा किया कि अमेरिका युद्ध में अपने किसी भी उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है और राष्ट्रपति पुतिन ने आश्वासन दिया कि रूस पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

विज्ञापन