ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तहत शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना है और भारत की धरती से उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल को एक बेहद कड़ा और सीधा संदेश दिया है। पेजेश्कियान ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान किसी भी प्रकार के अहंकार या दादागीरी के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और व्यापारिक जगत की हस्तियों की एक सभा को संबोधित करते हुए तेहरान का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उन विदेशी ताकतों को हराने का संकल्प लिया जो ईरानी समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं।
अत्याचार और दादागीरी के खिलाफ कड़ा रुख
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका देश किसी भी डराने-धमकाने वाली कार्रवाई के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, हम अत्याचार के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। ईरान इजराइल और अमेरिका के खिलाफ मजबूती से खड़ा है क्योंकि हम डराने-धमकाने के आगे नहीं झुकेंगे और अगर वे हम पर दबाव डालेंगे तो हम भी उनका जवाब देंगे। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सेनाओं को असली आतंकवादी करार दिया। इस दौरान उन्होंने दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक स्कूल के पास हुए अमेरिकी हमले का विशेष रूप से जिक्र किया, जिसमें 168 बच्चों की मौत हो गई थी।
अमेरिका बिना लगाम के जंगली घोड़े जैसा
अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए पेजेश्कियान ने एक कड़े रूपक का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल ऐसी गलतियां कर रहे हैं जैसे कोई बिना लगाम के जंगली घोड़े की सवारी कर रहा हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यह रास्ता उन्हें विनाश और नरक की आग की ओर ले जाएगा और ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और लोगों की आजीविका को निशाना बनाने के बजाय हमारे सैनिकों का सामना करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भले ही वे सोचते हों कि आपूर्ति की कमी के कारण लोग आत्मसमर्पण कर देंगे, लेकिन ईरान के लोग कभी हार नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने ईरानियों, चीनियों, भारतीयों और अन्य लोगों को बनाया है और हमें एक-दूसरे के साथ रहना होगा। हम पीड़ितों का समर्थन करना जारी रखेंगे।
भारत की भूमिका और ब्रिक्स पर ईरान का नजरिया
पेजेश्कियान की इस यात्रा का एक बड़ा हिस्सा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम भारत को एक महान उभरते हुए देश के तौर पर देखते हैं, जो अभी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उन्होंने ब्रिक्स को एक बहुत ही महत्वपूर्ण संस्था बताया जो वर्तमान में वैश्विक स्तर पर अहम भूमिका निभा रही है। अराघची ने विश्वास जताया कि भारत ब्रिक्स समूह और इसके सदस्य देशों का बेहतरीन तरीके से नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ कश्मीरी नेता मीरवाइज उमर फारूक और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।