भारतीय सिनेमा के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहे जाने वाले अभिनेता आमिर खान ने अपनी साल 2014 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पीके' को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। वैरायटी इंडिया के साथ एक हालिया साक्षात्कार में आमिर खान ने बताया कि फिल्म की भारी व्यावसायिक सफलता के बावजूद, वह और निर्देशक राजकुमार हिरानी इसके अंतिम परिणाम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। आमिर खान के अनुसार, फिल्म के निर्माण के अंतिम चरणों में उन्हें इसकी पटकथा में महत्वपूर्ण बदलाव करने पड़े थे। यह फिल्म, जिसमें अनुष्का शर्मा, सुशांत सिंह राजपूत और संजय दत्त ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं, अपने समय की सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में से एक बनी थी। हालांकि, इसके पीछे की रचनात्मक प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण रही थी।
फिल्म 'पीके' की सफलता और आमिर खान का असंतोष
आमिर खान ने साक्षात्कार के दौरान बताया कि 'पीके' एक बहुत बड़ी सफलता थी, लेकिन रचनात्मक स्तर पर वह और राजकुमार हिरानी कुछ अधूरा महसूस कर रहे थे और आमिर के अनुसार, फिल्म की मूल पटकथा उस संस्करण से काफी अलग थी जो अंततः दर्शकों ने पर्दे पर देखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म के पूरा होने के बाद भी उनके मन में फिल्म की गुणवत्ता और उसके संदेश को लेकर कुछ शंकाएं थीं और अभिनेता ने बताया कि एक कलाकार और निर्माता के रूप में, वे हमेशा पूर्णता की तलाश में रहते हैं, और 'पीके' के मामले में उन्हें लगा कि वे अपनी मूल दृष्टि को पूरी तरह से न्याय नहीं दे पाए। इसके बावजूद, दर्शकों ने फिल्म को भरपूर प्यार दिया और यह बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक रही।
'ओएमजी - ओह माय गॉड' का फिल्म की पटकथा पर प्रभाव
' को बताया। आमिर के अनुसार, जब 'पीके' की शूटिंग और पटकथा पर काम चल रहा था, उसी दौरान 'ओएमजी' रिलीज हुई थी। दोनों फिल्मों का विषय धर्म और अंधविश्वास पर आधारित था, जिसके कारण 'पीके' की टीम को अपनी कहानी में समानता का डर सताने लगा। आमिर ने बताया कि 'पीके' की कहानी में एक एलियन का दृष्टिकोण था, जो इसे 'ओएमजी' से अलग बनाता था, लेकिन फिर भी कुछ वैचारिक समानताएं थीं। इसी समानता से बचने के लिए राजकुमार हिरानी ने फिल्म के दूसरे भाग (सेकेंड हाफ) को पूरी तरह से बदलने का निर्णय लिया था।
अंतिम समय में किए गए बदलाव और निर्देशक की चिंता
निर्देशक राजकुमार हिरानी इस बात को लेकर काफी दृढ़ थे कि फिल्म का दूसरा भाग बदला जाना चाहिए ताकि यह किसी अन्य फिल्म की नकल न लगे। आमिर खान ने साझा किया कि रिलीज से ठीक पहले तक वे और हिरानी इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि वे फिल्म से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उस समय उनके पास जो विकल्प उपलब्ध थे, उनमें उन्होंने सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। फिल्म के दूसरे भाग में किए गए इन बदलावों ने कहानी के प्रवाह को प्रभावित किया था, जिसे लेकर टीम चिंतित थी। हालांकि, रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया ने उनकी सभी चिंताओं को दूर कर दिया। फिल्म ने न केवल भारत में बल्कि चीन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी रिकॉर्ड तोड़ कमाई की।
आमिर खान के वर्तमान प्रोजेक्ट्स और 'हैप्पी पटेल'
वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान हाल ही में अपने प्रोडक्शन हाउस की फिल्म 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' में एक विशेष भूमिका में नजर आए हैं। इस फिल्म में वीर दास और मोना सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं और इसके अलावा, आमिर खान वर्तमान में 'एक दिन' नामक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें उनके बेटे जुनैद खान और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस फिल्म का टीज़र हाल ही में जारी किया गया है, जिसे सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। आमिर खान फिल्म निर्माण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और नए विषयों पर काम कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और दादासाहेब फाल्के बायोपिक की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्म जगत में चल रही चर्चाओं के अनुसार, आमिर खान जल्द ही भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के की बायोपिक में नजर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस फिल्म का निर्देशन भी राजकुमार हिरानी ही करेंगे। हालांकि, अभी तक इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आमिर खान ने हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को प्राथमिकता दी है, और दादासाहेब फाल्के का किरदार उनके करियर के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके साथ ही, वह 'सितारे जमीन पर' नामक फिल्म पर भी काम कर रहे हैं, जो उनकी पिछली फिल्म 'तारे जमीन पर' की अगली कड़ी मानी जा रही है।
