अभिषेक शर्मा: अफगानिस्तान के खिलाफ तूफानी पारी से मचाया तहलका, क्या टर्निंग पिचों पर टिक पाएगा यह आक्रामक अंदाज?

अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ 32 गेंदों में 82 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। हालांकि, टर्निंग और उछाल वाली पिचों पर उनकी तकनीक को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला एक बार फिर आग उगल रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से दिल्ली के मैदान पर चौकों और छक्कों की बारिश कर दी। दिल्ली की सपाट पिच पर उन्होंने अफगान गेंदबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को एक आसान जीत की ओर अग्रसर किया। 157 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक शर्मा ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उन्होंने साबित किया कि जब पिच बल्लेबाजी के अनुकूल हो, तो वे दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं।

विस्फोटक पारी और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब

इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने मात्र 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की गहराई और ताकत को दर्शाता है। अपनी पूरी पारी के दौरान उन्होंने 32 गेंदों का सामना किया और 82 रनों की आतिशी पारी खेली। इस शानदार पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के जड़े। उनकी इस मैच जिताऊ परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है, जिसने उनके बढ़ते कद को साबित किया है। दिल्ली के कोटला मैदान की पाटा पिच पर उनका हैंड-आई कोऑर्डिनेशन और बैक-फुट पंच देखने लायक था।

डेब्यू के बाद से ही अभिषेक का दबदबा

जुलाई 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद से अभिषेक शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। यह उनका छठा प्लेयर ऑफ द मैच खिताब है। आईसीसी के पूर्ण सदस्य देशों की सूची में इस समय के दौरान उनसे आगे केवल जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा और ब्रायन बेनेट ही हैं, जिन्होंने 7-7 बार यह खिताब जीता है। साल 2025 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो टीम इंडिया की जीत में अभिषेक का योगदान अतुलनीय रहा है। जीत वाले मैचों की 31 पारियों में उन्होंने 36 पॉइंट 97 की औसत और 198 पॉइंट 39 के स्ट्राइक रेट से 1109 रन बनाए हैं। इसके विपरीत, हार वाले मैचों की 11 पारियों में उनका औसत गिरकर 22 पॉइंट 27 और स्ट्राइक रेट 171 पॉइंट 33 रह जाता है। यानी जब-जब अभिषेक का बल्ला चलता है, भारत की जीत लगभग सुनिश्चित हो जाती है।

क्या टर्निंग पिचों पर भी चलेगा यह अंदाज?

अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी जितनी रोमांचक है, उतनी ही उनकी तकनीक पर सवाल भी उठ रहे हैं। विशेष रूप से धीमी और टर्निंग पिचों पर उनका संघर्ष जगजाहिर है। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान जब गेंद रुककर आ रही थी और स्पिनरों को मदद मिल रही थी, तब अभिषेक अक्सर अपना विकेट जल्दी गंवाते दिखे। 2026 वर्ल्ड कप के दौरान वे तीसरी बार ऑफ स्पिनर का शिकार बने। फाइनल की पारी को छोड़ दें, तो सेमीफाइनल तक की पांच पारियों में उन्होंने ऑफ स्पिनरों के खिलाफ केवल 29 रन बनाए थे, जिसके लिए उन्होंने 27 गेंदें ली थीं। इस दौरान उनका औसत मात्र 9 पॉइंट 66 और स्ट्राइक रेट 107 पॉइंट 40 का रहा था।

तेज उछाल और विदेशी पिचों पर चुनौती

हालिया इंग्लैंड दौरे पर भी अभिषेक शर्मा की तकनीक की कमियां उजागर हुई थीं। वहां की अधिक उछाल और सीम मूवमेंट वाली पिचों पर वे शॉर्ट-पिच और बॉडीलाइन गेंदों के सामने असहज नजर आए और इंग्लैंड में खेले गए 5 मैचों में वे केवल 131 रन ही बना सके और उनका औसत 26 पॉइंट 20 का रहा। विरोधी टीमें अब उनके खिलाफ रणनीति तैयार कर रही हैं, जिसमें अधिक उछाल और धीमी गति की स्पिन का जाल शामिल है। यदि अभिषेक को केवल सपाट पिचों का बल्लेबाज कहलाने से बचना है और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ओपनर बनना है, तो उन्हें विदेशी दौरों और टर्निंग पिचों पर अपने डिफेंस और शॉट चयन में सुधार करना होगा। टॉप लेवल पर बने रहने के लिए गेम सेंस और पिच के मिजाज को समझना उनके लिए अनिवार्य हो गया है।