Archery Championship: पूरे भारत को इंतजार है वनडे वर्ल्ड कप का, जो 5 अक्टूबर से भारत में ही शुरू हो रहा है. हर कोई चाहता है कि टीम इंडिया 12 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपियन बने. ऐसा होगा या नहीं, इसका पता तो नवंबर में ही चलेगा लेकिन भारत को इससे पहले ही एक वर्ल्ड चैंपियन मिल गई है. वो भी सिर्फ 17 साल की उम्र में. जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हो रही वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में भारत की अदिति स्वामी ने ये कमाल करते हुए इतिहास रच दिया है. अदिति ने महिलाओं के कंपाउंड इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और इस तरह भारत की ओर से आर्चरी की पहली वर्ल्ड चैंपियन बन गईं. अदिति के अलावा भारत की ही ज्योति सुरेखा ने भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
शनिवार 5 अगस्त को बर्लिन में हुए इवेंट से एक दिन पहले ही अदिति एक बार वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी थीं. तब उन्होंने टीम इवेंट में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब बारी अकेले दम पर इतिहास रचने की थी और इसकी राह में दुनिया की कई दिग्गज तीरंदाजों के अलावा अदिति की टीम इवेंट वाली साथी और अनुभवी भारतीय खिलाड़ी ज्योति भी थीं. अदिति ने सेमीफाइनल में ज्योति को ही चौंकाते हुए फाइनल में जगह बनाई थी.
Aditi Swami gets the FIRST individual WORLD TITLE for India.
— World Archery (@worldarchery) August 5, 2023
The 17-year-old prodigy is now the world champion. 🏆#WorldArchery pic.twitter.com/oBbtgxyzq3
6 साल बड़ी आर्चर को हराया
फाइनल में अदिति का सामना अपने से 6 साल बड़ी मैक्सिको की आंद्रेया बकेरा से था, जो 2021 में पहले ही इस इवेंट का ब्रॉन्ज जीत चुकी थी. एक दिन पहले अदिति समेत भारतीय टीम ने बकेरा और मैक्सिको की उनकी अन्य साथियों को हराकर ही गोल्ड जीता था. एक बार फिर दोनों का आमना-सामना हुआ और बेहद रोमांचक मुकाबले में अदिति ने 149-147 के करीबी अंतर से बकेरा को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप पर अपना कब्जा कर लिया. वहीं सेमीफाइनल में अदिति से हारने वाली ज्योति ने वापसी करते हुए ब्रॉन्ज मेडल मैच अपने नाम किया.
सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन
सिर्फ 17 साल की उम्र में ये उपलब्धि हासिल कर अदिति ने वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना दिया. वो वर्ल्ड आर्चरी के इतिहास में सबसे कम उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली खिलाड़ी हो गई हैं. भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में ये पहला ही मौका है, जब किसी भी इवेंट (रिकर्व और कंपाउंड) में, किस भी पुरुष या महिला आर्चर ने इंडिविजुअल गोल्ड जीता है. अदिति से पहले दिग्गज तीरंदाज दीपिका कुमारी ने 2011 और 2015 में सिल्वर मेडल जीते थे. वहीं पुरुषों में तरुणदीप राय और अतनु दास भी सिल्वर मेडल जीत चुके थे.
30 दिन में दूसरा गोल्ड
अदिति का ये गोल्ड सिर्फ इसलिए खास नहीं है, क्योंकि उन्होंने भारत के लिए पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती है, बल्कि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक महीने के अंदर ही जूनियर आर्चरी से सीनियर आर्चरी में दुनिया पर राज किया. पिछले महीने ही अदिति ने अंडर-18 का गोल्ड जीता था. 8 जुलाई को अदिति ने अमेरिकी तीरंदाज को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी.
