बेंगलुरु में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया विमान का पिछला हिस्सा टकराया, दिल्ली की उड़ान रद्द

दिल्ली से बेंगलुरु पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2651 लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गई। विमान में सवार सभी 179 यात्री सुरक्षित हैं। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है और दिल्ली जाने वाली वापसी उड़ान रद्द कर दी गई है।

दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचे एयर इंडिया के एक विमान के साथ लैंडिंग के दौरान एक गंभीर घटना घटित हुई, जिसमें विमान का पिछला हिस्सा यानी टेल रनवे से टकरा गया। इस घटना के बाद विमान को तुरंत ग्राउंडेड कर दिया गया है ताकि इसकी गहन तकनीकी जांच की जा सके। अधिकारियों के अनुसार, विमान की पूरी तरह से जांच होने के बाद ही इसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। इस हादसे की वजह से बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली वापसी की उड़ान को रद्द करना पड़ा है।

यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा

एयर इंडिया की यह फ्लाइट एआई2651 दिल्ली से बेंगलुरु पहुंची थी। लैंडिंग के समय विमान में पायलटों और केबिन क्रू सहित कुल 179 लोग सवार थे। गनीमत यह रही कि इस घटना के दौरान किसी भी यात्री या कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने बताया कि यात्रियों की सहायता के लिए उनकी ग्राउंड टीम लगातार सक्रिय है और स्थिति को संभालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उड़ान रद्द और वैकल्पिक व्यवस्था

विमान के रनवे से टकराने के कारण बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट संख्या एआई2652 को रद्द कर दिया गया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि लैंडिंग के दौरान हुई इस गड़बड़ी के बाद विमान को विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहन जांच के लिए रोक लिया गया है। प्रवक्ता ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि उनके लिए यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। बेंगलुरु में फंसे यात्रियों को दिल्ली पहुंचाने के लिए एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और यात्रियों को दूसरे विमान में बिठाकर गंतव्य के लिए रवाना किया गया है।

वेक टर्बुलेंस बना घटना का कारण

विमानन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना वेक टर्बुलेंस की वजह से हुई थी और रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट के लैंड करने से ठीक पहले एक मालवाहक बी747 विमान ने उड़ान भरी थी। इसके बाद जब ए321 एयरक्राफ्ट लैंड करने वाला था, तो विंग में गड़बड़ी महसूस होने के कारण पायलटों ने आखिरी समय में गो अराउंड करने का फैसला किया। इसी प्रक्रिया के दौरान विमान की टेल रनवे से टकरा गई।

क्या होता है वेक टर्बुलेंस?

जब कोई बड़ा विमान उड़ान भरता है, तो उसके पंखों के सिरों से हवा की दो बहुत मजबूत और घूमती हुई भंवरें पैदा होती हैं। इन भंवरों को ही वेक टर्बुलेंस कहा जाता है और ये भंवरें हवा में काफी समय तक बनी रह सकती हैं और बहुत तेज गति से घूमती हैं। यदि कोई दूसरा विमान इन भंवरों की चपेट में आ जाए, तो उसके अचानक पलटने, अनियंत्रित होने या ऊंचाई में तेजी से बदलाव आने का खतरा रहता है। शांत मौसम में लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान यह खतरा सबसे अधिक होता है क्योंकि ये भंवरें कई मिनटों तक वातावरण में मौजूद रह सकती हैं।