अकासा एयर की बड़ी तैयारी: उड़ान योजना में शामिल होने पर विचार कर रही एयरलाइन

अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' में शामिल होने के संकेत दिए हैं। एयरलाइन अपनी क्षमता में 30 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है और 2032 तक अपने बेड़े में 186 और विमान शामिल करेगी।

अकासा एयर अपनी विस्तार योजनाओं को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन अब केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना 'उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत अपनी सेवाएं शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अकासा एयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी इस योजना का हिस्सा बनने की योजना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरलाइन वर्तमान में सभी संभावित रूटों का गहन अध्ययन कर रही है और इस विश्लेषण के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और यह कदम आम लोगों को किफायती दरों पर हवाई सेवाएं देने के सरकारी उद्देश्य के साथ मेल खाता है।

बेड़े का विस्तार और बोइंग विमानों की डिलीवरी

एयरलाइन के बेड़े में नए विमानों का शामिल होना निर्धारित समय के अनुसार जारी है। अगले महीने अपनी कमर्शियल उड़ान सेवा के 4 साल पूरे करने जा रही अकासा एयर ने इस साल अब तक 9 नए बोइंग 737 मैक्स विमानों की डिलीवरी प्राप्त की है। कंपनी ने भविष्य के लिए कुल 226 विमानों के बड़े ऑर्डर दिए हैं। इनमें से शेष 186 विमानों के 2032 के अंत तक बेड़े में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। विनय दुबे ने कहा कि बोइंग द्वारा विमानों की डिलीवरी तय कार्यक्रम के अनुसार की जा रही है, जो एयरलाइन के परिचालन विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वैश्विक विमानन उद्योग इस समय आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और इंजन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है।

विकास लक्ष्य और परिचालन का दायरा

अकासा एयर ने चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, अगले 4 से 5 सालों में क्षमता वृद्धि को 30 से 40 प्रतिशत के दायरे में रखने की योजना है। वर्तमान में, अकासा एयर 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 4 जुलाई को 'उड़ान' योजना के संशोधित संस्करण को पेश किया था, जिसका उद्देश्य बिना सेवा वाले या कम सेवा वाले गंतव्यों को जोड़ना है। अक्टूबर 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 669 रूट का परिचालन शुरू किया जा चुका है।

रणनीति और कर्मचारियों की संख्या

एयरलाइन की भविष्य की रणनीति के बारे में बात करते हुए विनय दुबे ने कहा कि फिलहाल अकासा एयर एक ही प्रकार के विमान और एकल श्रेणी के मॉडल पर कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग की बदलती परिस्थितियों के अनुसार हर साल रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ता है, लेकिन अभी तक उनके लिए यही मॉडल उपयुक्त रहा है। एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण कोष और आपातकालीन ऋण गारंटी योजना में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि कंपनी शर्तों का अध्ययन कर रही है और वर्तमान में अकासा एयर के पास 850 से ज्यादा पायलटों समेत 5,000 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। वित्तीय प्रदर्शन के संदर्भ में, सीईओ ने बताया कि घाटे में चल रही एयरलाइन ने सितंबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि में कर पूर्व आय (EBITDA) के स्तर पर लाभ दर्ज किया है।