हरियाणा रोडवेज बस चोरी मामला: 36 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान से बस बरामद

चरखी दादरी बस स्टैंड से चोरी हुई हरियाणा रोडवेज की बस को पुलिस ने 36 घंटे के भीतर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से बरामद कर लिया है। आरोपी अजय, जो पूर्व में डीटीसी चालक था, को गिरफ्तार कर लिया गया है।

हरियाणा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चरखी दादरी बस स्टैंड से चोरी हुई हरियाणा रोडवेज की बस को मात्र 36 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। इस घटना ने परिवहन विभाग में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस की तत्परता और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकारी वाहन की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, जिससे एक बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझ गई है।

चरखी दादरी बस स्टैंड से चोरी की पूरी घटना

यह पूरा मामला भिवानी के लोहारू सब-डिपो की एक बस से जुड़ा है, जो शुक्रवार की रात चरखी दादरी बस स्टैंड पर खड़ी की गई थी और शनिवार की सुबह जब बस के चालक महेंद्र सिंह अपनी ड्यूटी पर पहुंचे और बस को लोहारू ले जाने के लिए स्टैंड पर आए, तो वहां से बस गायब मिली। बस के गायब होने की खबर मिलते ही बस अड्डे पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और चालक महेंद्र सिंह ने तुरंत इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। सबसे पहले बस स्टैंड और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बस को शुक्रवार की रात करीब 8 बजकर 53 मिनट पर चोरी किया गया था। फुटेज में बस को स्टैंड से बाहर ले जाते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी का पीछा करने के लिए अपनी टीमें सक्रिय कर दीं और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी शुरू की गई।

राजस्थान पुलिस का सहयोग और तकनीकी सर्विलांस

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले कि चोरी की गई बस लोहारू के रास्ते होते हुए राजस्थान की सीमा में दाखिल हुई है और इसके बाद हरियाणा पुलिस ने तुरंत राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। हाईवे पर लगे विभिन्न कैमरों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बस की लगातार ट्रैकिंग की गई। पुलिस की टीमों ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले तक आरोपी का पीछा किया, जिससे आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला।

अंततः पुलिस ने चित्तौड़गढ़ जिले के चिंदोरिया थाना क्षेत्र में घेराबंदी की और चोरी की गई बस को बरामद करने में सफलता प्राप्त की। मौके से ही पुलिस ने आरोपी को भी दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है क्योंकि 36 घंटे के भीतर एक बड़े वाहन को दूसरे राज्य से ढूंढ निकालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे वापस हरियाणा लाया जा रहा है।

आरोपी का प्रोफाइल: पूर्व डीटीसी चालक निकला चोर

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अजय के रूप में हुई है, जो हरियाणा के झज्जर जिले के गांव दुल्हेड़ा का रहने वाला है और पुलिस पूछताछ में आरोपी के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अजय पहले दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी में बस चालक के पद पर तैनात था। विभाग से बर्खास्त होने के बाद वह गलत रास्ते पर चल पड़ा और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय के खिलाफ पहले से ही चोरी के 4 से 5 मामले दर्ज हैं, जो उसकी पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि अजय ने इस चोरी को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी। उसने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया था। उसे पता था कि किस समय ड्राइवरों की शिफ्ट बदलती है और सुरक्षा में कब ढील होती है। उसने इसी समय का फायदा उठाकर बस चोरी की। आरोपी का इरादा बस को राजस्थान ले जाकर उसे काटकर उसके पुर्जे बेचने का था, ताकि वह मोटी रकम कमा सके। वह बस को खुर्द-बुर्द करने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच

पुलिस अब आरोपी अजय को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपी को रिमांड पर लेने की मांग करेंगे ताकि इस पूरी साजिश की गहराई से जांच की जा सके और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में अजय के साथ कोई और भी शामिल था या वह अकेले ही इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता था। इसके अलावा, पुलिस उस नेटवर्क का भी पता लगा रही है जहां चोरी की गई बसों या उनके पुर्जों को बेचा जाता था। फिलहाल, बस की बरामदगी से परिवहन विभाग ने राहत की सांस ली है और पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।