गुरुग्राम में ब्लैकआउट! 7 बिजली घर अचानक ठप, कई इलाकों में छाया अंधेरा; रैपिड मेट्रो पर भी लगा ब्रेक

गुरुग्राम में शुक्रवार रात सेक्टर-72 स्थित 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर खराब होने से भारी बिजली संकट पैदा हो गया, जिससे 7 बिजली घर बंद हो गए और रैपिड मेट्रो सेवा भी रुक गई।

हरियाणा के गुरुग्राम शहर में शुक्रवार की रात एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया, जिसके कारण शहर के कई महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में पूरी तरह से ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। इस संकट की शुरुआत सेक्टर-72 स्थित 220 KVA बिजली घर से हुई, जहां का मुख्य ट्रांसफार्मर अचानक तकनीकी खराबी के कारण फुंक गया। इस मुख्य ट्रांसफार्मर के खराब होने का असर इतना व्यापक और गंभीर था कि इसके साथ जुड़े सात अन्य बिजली घर भी एक साथ बंद हो गए और इस अचानक हुई बिजली कटौती के कारण हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और शहर का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से अंधेरे में डूब गया है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

रैपिड मेट्रो सेवा पर पड़ा व्यापक असर

इस बिजली संकट का प्रभाव केवल घरों और दफ्तरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने गुरुग्राम की लाइफलाइन मानी जाने वाली रैपिड मेट्रो सेवा को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले करीब एक घंटे से रैपिड मेट्रो की सेवाएं पूरी तरह से बाधित चल रही हैं, जिससे उन हजारों यात्रियों को भारी असुविधा हुई है जो रोजाना अपने काम के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। सेवा रुकने की वजह से विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। मेट्रो के अचानक रुक जाने से यात्री काफी परेशान नजर आए और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो और कैब जैसे अन्य वैकल्पिक साधनों की तलाश करते देखा गया, जिससे सड़कों पर भी दबाव बढ़ गया।

प्रभावित बिजली घर और क्षेत्रों का विवरण

मुख्य ट्रांसफार्मर में आई इस बड़ी तकनीकी खराबी के बाद जिन बिजली घरों में कामकाज पूरी तरह ठप हुआ है, उनमें सेक्टर-15, सेक्टर-38, सेक्टर-44, सेक्टर-46, सेक्टर-52, सेक्टर-56 और मारुति 66 KVA बिजली घर शामिल हैं। इन बिजली घरों के बंद होने से सेक्टर-38 से लेकर सेक्टर-57 तक के एक बहुत बड़े भौगोलिक इलाके में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। इसके अलावा, सेक्टर-15 पार्ट-1, सेक्टर-15 पार्ट-2 और सेक्टर-18 जैसे प्रमुख रिहायशी इलाकों में भी लंबे समय से बिजली गुल है। इन क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस कटौती ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है और दैनिक कार्यों को रोक दिया है।

भीषण गर्मी और उमस ने बढ़ाई आम जनता की मुसीबत

बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा और कष्टदायक असर आम जनजीवन पर पड़ा है, क्योंकि लोग पहले से ही भीषण गर्मी और उमस भरी मौसमी स्थिति से जूझ रहे हैं। घरों, दुकानों और दफ्तरों में बिजली न होने के कारण सारा कामकाज ठप हो गया है और लोग गर्मी से बेहाल हैं। कई इलाकों से यह भी खबरें आ रही हैं कि बिजली न होने की वजह से पानी की सप्लाई करने वाले पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। स्थानीय लोग लगातार बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबरों, कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन्हें यह पता चल सके कि बिजली की बहाली कब तक संभव हो पाएगी।

मरम्मत कार्य की स्थिति और बहाली की संभावना

बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गंभीर स्थिति पर अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि खराब हुए ट्रांसफार्मर को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और विभाग की एक विशेष तकनीकी टीम सेक्टर-72 स्थित घटना स्थल पर मौजूद है और मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि 220 KVA के ट्रांसफार्मर में आई खराबी काफी गंभीर प्रकृति की है और इसे पूरी तरह से दुरुस्त कर फिर से चालू करने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है। विभाग को उम्मीद है कि मरम्मत का काम पूरा होने के बाद देर रात तक या शनिवार सुबह तक प्रभावित इलाकों में बिजली की आपूर्ति फिर से सुचारू रूप से बहाल कर दी जाएगी।