पंजाब के अमृतसर से एक अत्यंत दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां ड्यूटी पर तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। थाना गेट हकीमा क्षेत्र में तैनात एएसआई हरजीत सिंह पर अपराधियों ने उस समय हमला किया जब वे अपनी मोटरसाइकिल से इलाके में गश्त लगा रहे थे। इस घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वारदात का समय और स्थान
यह वारदात देर रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। एएसआई हरजीत सिंह थाना गेट हकीमा इलाके में तैनात थे और रात के समय दाना मंडी के आसपास निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। गोलियां लगने के कारण हरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े और घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।
टीटीएच संगठन का दावा और पिछला संदर्भ
एएसआई की हत्या के बाद 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' यानी टीटीएच नाम के संगठन की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है और हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। गौरतलब है कि मई 2026 में भी अमृतसर में पंजाब पुलिस के एएसआई जोगा सिंह की हत्या हुई थी और उस समय भी टीटीएच की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। उस समय भी पुलिस ने संगठन के दावों और सोशल मीडिया पर आए कथित वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की थी।
मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एएसआई हरजीत सिंह की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस कठिन समय में हरजीत सिंह के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से शहीद के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एचडीएफसी बैंक की ओर से परिवार को 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार परिवार को कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
जांच और हमलावरों की तलाश
पुलिस की टीमें अब हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों के भागने की दिशा और उनकी संख्या का पता लगाया जा सके। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और अन्य खुफिया सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
