T20 World Cup 2026 / ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऐलान ने चौंकाया: मिचेल ओवन बाहर, 12 T20I से बाहर रहे खिलाड़ी को मिली जगह

ऑस्ट्रेलिया ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. भारत और श्रीलंका में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए मिचेल मार्श कप्तान होंगे. टीम में मिचेल ओवन जैसे चर्चित खिलाड़ी को बाहर रखा गया है, जबकि कूपर कोनोली को 12 T20I से बाहर रहने के बावजूद जगह मिली है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है.

ऑस्ट्रेलिया ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसका आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च 2026 तक भारत और श्रीलंका में होना है. इस टीम के ऐलान ने क्रिकेट जगत में कई लोगों को चौंकाया है, खासकर दो प्रमुख फैसलों को लेकर: एक ऐसे खिलाड़ी का बाहर होना जिसका नाम पिछले साल खूब चर्चा में रहा, और दूसरे ऐसे खिलाड़ी का चयन जिसे पिछले 12 T20 इंटरनेशनल मैचों से टीम से बाहर रखा गया था.

मिचेल मार्श की कप्तानी में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण

मिचेल मार्श को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है, जो टीम को नेतृत्व प्रदान करेंगे. टीम में ट्रेविस हेड, पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, जॉश हेजलवुड, ग्लेन मैक्सवेल और मैथ्यू वेड जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं, जो बड़े टूर्नामेंटों में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं. इन खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, खासकर भारत और श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में. इसके साथ ही, टीम में कुछ युवा और नए चेहरे भी हैं, जिन्हें पहली बार T20. वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिलेगा, जो ऑस्ट्रेलिया के भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है.

मिचेल ओवन का चौंकाने वाला बाहर होना

सबसे बड़ा आश्चर्य मिचेल ओवन का टीम से बाहर होना रहा. मिचेल ओवन ने साल 2025 में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और उन्होंने बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरिकेन के लिए सिडनी थंडर के खिलाफ एक तूफानी शतक जड़ा था, जिसमें उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों पर 11 छक्कों की मदद से 108 रन बनाए थे. इसके बाद, उन्हें पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने के लिए बुलाया गया, जहां प्रीति जिंटा की टीम ने उन्हें 3 करोड़ रुपये में खरीदा और जुलाई 2025 में उन्होंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू भी किया, जिससे वह लगातार चर्चा में बने रहे. ऐसे में, उनका T20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होना कई लोगों के लिए अप्रत्याशित था.

प्रदर्शन में गिरावट बनी बाहर होने की वजह

मिचेल ओवन के बाहर होने की मुख्य वजह उनके प्रदर्शन में आई गिरावट मानी जा रही है और हालांकि उन्होंने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन उनके आंकड़े उतने प्रभावशाली नहीं रहे. पिछले साल खेले गए 50 T20 मैचों में उन्होंने कुल 981 रन बनाए, जो एक बड़े नाम वाले खिलाड़ी के लिए औसत प्रदर्शन माना जा सकता है और विशेष रूप से, 13 T20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने केवल 163 रन बनाए. भारत में उनका प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने पिछले साल खेले गए 3 T20 इंटरनेशनल मैचों में सिर्फ 14 रन बनाए और भारत और श्रीलंका में होने वाले वर्ल्ड कप को देखते हुए, सेलेक्टर्स ने शायद उनके हालिया प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह कठिन फैसला लिया होगा. एक और चौंकाने वाला फैसला कूपर कोनोली का चयन रहा. कूपर कोनोली पिछले 12 T20 इंटरनेशनल मैचों से ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं थे, फिर भी उन्हें वर्ल्ड कप टीम में जगह मिली है और यह फैसला सेलेक्टर्स की लंबी अवधि की योजना या उनकी विशेष क्षमताओं पर विश्वास को दर्शाता है, खासकर भारत और श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों को देखते हुए. कूपर कोनोली के साथ-साथ मैथ्यू शॉर्ट, मैट कुन्हेमन और जेवियर बार्टलेट को भी पहली बार T20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया है, जो उनके लिए एक बड़ा अवसर है.

स्पिन को मिली तवज्जो और अनुभवी खिलाड़ियों का महत्व

T20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में आयोजित होने के कारण, ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर्स ने स्पिन गेंदबाजी को विशेष महत्व दिया है. टीम में एडम जंपा स्पिन आक्रमण की कमान संभालेंगे, जो अपनी लेग-स्पिन से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं. मैट कुन्हेमन जैसे खिलाड़ियों का चयन भी स्पिन विकल्पों को मजबूत करता है. इसके अलावा, पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल और जॉश हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को संतुलन और गहराई प्रदान करती है और ये खिलाड़ी न केवल अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से योगदान देंगे, बल्कि दबाव की स्थिति में टीम को स्थिरता भी प्रदान करेंगे.

T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम:

मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, जॉश हेजलवुड, नाथन एलिस, जेवियर बार्टलेट, मैथ्यू वेड, कूपर कोनोली, एडम जंपा, मैट कुन्हेमन, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, जॉश इंग्लिस और ग्लेन मैक्सवेल. यह टीम आगामी टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों को पूरा करने के लिए तैयार है, जिसमें अनुभव और युवा प्रतिभा का एक दिलचस्प मिश्रण है.