आज, सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन, घरेलू शेयर बाजार में एक हरे रंग की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं, जैसा कि गिफ्ट निफ्टी के रुझानों से पता चलता है और हालांकि, एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के कारण बाजार में तेज उठा-पटक और अस्थिरता देखने को मिल सकती है। यह स्थिति निवेशकों के लिए इंट्रा-डे ट्रेडिंग में सावधानी बरतने और ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता को उजागर करती है। पिछले कारोबारी दिन, बुधवार, 31 दिसंबर को, सेंसेक्स 26,129. 60 पर और निफ्टी 50 85,220. 60 पर बंद हुआ था। आज, कुछ व्यक्तिगत शेयरों में उनकी विशिष्ट कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण महत्वपूर्ण हलचल देखी जा सकती है। इन शेयरों पर निवेशकों की विशेष निगाहें रहेंगी, जो बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
बाजार का शुरुआती रुझान और अस्थिरता
गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे संकेतों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार आज एक सकारात्मक नोट पर खुलने की उम्मीद है। 'ग्रीन शुरुआत' का मतलब है कि बाजार पिछले बंद स्तरों की तुलना में ऊपर खुलेगा, जिससे शुरुआती कारोबारी घंटों में निवेशकों का मनोबल बढ़ सकता है। हालांकि, एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान यह भी दर्शाते हैं कि वैश्विक आर्थिक कारकों और क्षेत्रीय गतिविधियों का प्रभाव भारतीय बाजारों पर भी पड़ेगा, जिससे एकतरफा तेजी की संभावना कम हो सकती है और आज सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी होने के कारण, बाजार में तेज उठा-पटक की संभावना बढ़ जाती है। एक्सपायरी के दिन, डेरिवेटिव अनुबंधों का निपटान होता है, जिससे अक्सर वॉल्यूम और अस्थिरता में वृद्धि होती है और ट्रेडर्स और निवेशकों को इस दौरान विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बाजार अप्रत्याशित चालें दिखा सकता है।
जिंदल पॉली फिल्म्स का Q2 प्रदर्शन
सितंबर तिमाही में जिंदल पॉली फिल्म्स के वित्तीय परिणामों ने निवेशकों को चिंतित किया है। कंपनी सालाना आधार पर ₹116. 6 करोड़ के शुद्ध मुनाफे से ₹12. 8 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई है और यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में गिरावट का संकेत देता है। इसके साथ ही, कंपनी का राजस्व 63. 8% गिरकर ₹410. 4 करोड़ पर आ गया, जो बिक्री में भारी कमी को दर्शाता है और अन्य स्रोतों से आय भी 79. 5% फिसलकर ₹53. 5 करोड़ पर आ गई, जिससे कंपनी की समग्र आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी को इस तिमाही में कई वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जो उसके शेयर मूल्य पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों को कंपनी के भविष्य के दृष्टिकोण और प्रबंधन की रणनीतियों पर बारीकी से। नजर रखनी होगी ताकि यह समझा जा सके कि कंपनी इन चुनौतियों से कैसे निपटेगी।
केनरा बैंक में नेतृत्व परिवर्तन
केनरा बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घोषणा में, केंद्र सरकार ने हरदीप सिंह अहलूवालिया को 1 जनवरी से तीन महीने के लिए एमडी और सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वर्तमान में, वह बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। यह नियुक्ति बैंक के नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करती है, खासकर ऐसे समय में जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को विभिन्न नियामक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और 'अतिरिक्त प्रभार' का अर्थ है कि वह अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ एमडी और सीईओ के कर्तव्यों का भी पालन करेंगे। यह कदम बैंक के लिए एक सुचारु संक्रमण अवधि प्रदान करता है और यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए। निवेशकों को इस नेतृत्व परिवर्तन के तहत बैंक की रणनीतिक दिशा और प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।
एनबीसीसी (इंडिया) को नए ऑर्डर
एनबीसीसी (इंडिया) ने हाल ही में ₹220. 31 करोड़ के तीन नए ऑर्डर हासिल किए हैं, जो कंपनी के ऑर्डर बुक के लिए एक सकारात्मक विकास है। ये ऑर्डर केनरा बैंक और नवोदय विद्यालय समिति जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्राप्त हुए हैं, जो एनबीसीसी की निर्माण क्षमताओं में विश्वास को दर्शाता है। इन ऑर्डरों में सबसे प्रमुख ₹163. 12 करोड़ का बेंगलुरु के रचनहल्ली गांव में केनरा बैंक के हेड ऑफिस एनेक्स बिल्डिंग के निर्माण का काम है। यह परियोजना एनबीसीसी के लिए एक महत्वपूर्ण अनुबंध है, जो इसकी। राजस्व पाइपलाइन को मजबूत करेगा और इसकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित करेगा। सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं से ऑर्डर प्राप्त करना एनबीसीसी के लिए स्थिरता और विकास के अवसर प्रदान करता है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ सकता है और ये ऑर्डर कंपनी की भविष्य की आय और विकास संभावनाओं में योगदान देंगे।
एनसीसी को मिले कई अनुबंध
एनसीसी ने दिसंबर 2025 में कुल ₹1,237. 24 करोड़ के चार नए ऑर्डर प्राप्त किए हैं, जो कंपनी के लिए एक मजबूत ऑर्डर इनफ्लो को दर्शाता है। इन ऑर्डरों को दो मुख्य डिवीजनों में बांटा गया है: बिल्डिंग डिविजन और ट्रांसपोर्टेशन डिविजन और बिल्डिंग डिविजन से ₹704. 67 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो आवासीय, वाणिज्यिक या संस्थागत भवनों के निर्माण से संबंधित हो सकते हैं। वहीं, ट्रांसपोर्टेशन डिविजन से ₹532. 57 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, जिसमें सड़कों, पुलों या अन्य परिवहन-संबंधी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण शामिल हो सकता है। ये नए अनुबंध एनसीसी की विविध निर्माण क्षमताओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी मजबूत उपस्थिति को उजागर करते हैं। इतने बड़े मूल्य के ऑर्डर कंपनी की राजस्व वृद्धि और लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण हैं, और यह बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति को और मजबूत करेगा और निवेशकों को इन परियोजनाओं के निष्पादन और उनके समय पर पूरा होने पर नजर रखनी होगी।
बल्क डील्स में प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स
प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स में हाल ही में कई महत्वपूर्ण बल्क डील्स देखी गई हैं, जो शेयर में बड़ी हलचल का संकेत देती हैं। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने कंपनी में 22 और 4 लाख अतिरिक्त शेयर (5. 73% इक्विटी कैपिटल) ₹634. 8 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,833. 96 के भाव से खरीदे हैं। फंड हाउस के मल्टी एसेट एलोकेशन फंड के जरिए सितंबर 2025 तक कंपनी में पहले से ही इसकी 3. 64% हिस्सेदारी थी, जिससे यह खरीद उसकी मौजूदा स्थिति को और मजबूत करती है और इसके अलावा, भौमिकभाई किरीटभाई दोशी ने भी प्रति शेयर ₹2,836. 91 के भाव से 1. 88 लाख शेयर ₹53 और 39 करोड़ में खरीदे हैं। हालांकि, प्रमोटर एंटिटी विविरा इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग ने 36. 28 लाख शेयर (9. 28% हिस्सेदारी) ₹1,029. 8 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,838 के भाव से बेचे हैं और यह खरीद और बिक्री का मिश्रण शेयर में संस्थागत और प्रमोटर स्तर पर विभिन्न रणनीतियों को दर्शाता है, जिससे शेयर में अस्थिरता आ सकती है।
सीगल इंडिया में फंड गतिविधि
सीगल इंडिया में भी बल्क डील्स के माध्यम से महत्वपूर्ण फंड गतिविधि देखी गई है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (एचडीएफसीजीआर) के जरिए सीगल इंडिया के 13. 13 लाख शेयर (0. 75% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹261 के भाव से ₹34. 28 करोड़ में खरीदे हैं। यह खरीद एक प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशक द्वारा कंपनी में विश्वास को दर्शाती है। दूसरी ओर, पाइन ओक ग्लोबल फंड ने 14 लाख शेयर (0. 8% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹261. 04 के भाव से ₹36. 5 करोड़ में बेचे हैं। एक वैश्विक फंड द्वारा शेयरों की बिक्री और एक घरेलू फंड द्वारा। खरीद से शेयर में वॉल्यूम और मूल्य में उतार-चढ़ाव हो सकता है। ये लेनदेन बाजार सहभागियों को कंपनी के मूल्यांकन और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विभिन्न दृष्टिकोण प्रदान करते हैं, जिससे शेयर की कीमत पर प्रभाव पड़ सकता है। निवेशकों को इन फंडों के पीछे के कारणों का विश्लेषण करना चाहिए।
आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है, खासकर सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के कारण और निवेशकों को बाजार के शुरुआती रुझानों, प्रमुख शेयरों की कॉर्पोरेट गतिविधियों और बल्क डील्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इन सभी कारकों का संयोजन बाजार की दिशा और व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन को निर्धारित करेगा। इंट्रा-डे ट्रेडर्स को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए और अपनी रणनीतियों को बाजार की अस्थिरता के अनुरूप समायोजित करना चाहिए।