नए साल 2026 के पहले दिन भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले साल, यानी 2025 के दौरान, सोने की कीमतें 73. 45 प्रतिशत की उल्लेखनीय मजबूती के साथ बंद हुई थीं और बाजार विश्लेषकों और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 2026 में भी सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है, जो इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाए रखेगा। वहीं, चांदी ने भी पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें लगभग 164 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जो सोने से भी बेहतर रही। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतों पर डोमेस्टिक और ग्लोबल फैक्टर्स दोनों का असर होता है, जिससे दैनिक आधार पर इनमें उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
दिल्ली में सोने की कीमतें
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 जनवरी 2026 की सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट आई है। यह अब फिसलकर 135030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है और यह गिरावट नए साल के पहले कारोबारी दिन दर्ज की गई है, जो दिल्ली के सर्राफा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। इस कीमत पर निवेशक और उपभोक्ता दोनों ही अपनी खरीद-बिक्री की रणनीति बनाते हैं।
दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव 123790 रुपये प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोना मुख्य रूप से आभूषण बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, और इसकी कीमत में गिरावट आभूषण खरीदारों के लिए कुछ राहत ला सकती है। यह दर उन खरीदारों के लिए प्रासंगिक है जो नए साल के अवसर पर आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
मुंबई में सोने का भाव
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है और 1 जनवरी को मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। मुंबई का बाजार देश के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में से एक है, और यहां की कीमतें अक्सर राष्ट्रीय रुझानों को दर्शाती हैं।
चेन्नई और कोलकाता में सोने की स्थिति
मुंबई में 22 कैरेट सोने का भाव 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है और यह कीमत मुंबई के आभूषण बाजार में एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है, जहां बड़ी संख्या में आभूषण निर्माता और खुदरा विक्रेता सक्रिय हैं। इस दर पर आभूषणों की खरीद और बिक्री होती है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दक्षिण भारत में सोने की मांग पारंपरिक रूप से बहुत अधिक रहती है, खासकर त्योहारों और शुभ अवसरों पर। यह कीमत वहां के उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
चेन्नई में 22 कैरेट सोने का भाव 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर स्थानीय आभूषण निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु है, जो आभूषणों की लागत और बिक्री मूल्य को प्रभावित करती है।
कोलकाता में भी 24 कैरेट सोने की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पूर्वी भारत में सोने का बाजार भी काफी सक्रिय है और यहां भी कीमतों में गिरावट का असर देखा गया है।
कोलकाता में 22 कैरेट सोने का भाव 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह कीमत शहर के प्रतिष्ठित आभूषण बाजारों में प्रचलित है और स्थानीय खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
पुणे और बेंगलुरु में सोने के दाम
पुणे में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम है। महाराष्ट्र के इस प्रमुख शहर में भी सोने की कीमतों में गिरावट का असर देखा गया है, जो राज्य के अन्य हिस्सों में भी समान रुझान का संकेत देता है।
पुणे में 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर स्थानीय आभूषण खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपनी निवेश या आभूषण खरीद योजनाओं को इस कीमत के आधार पर समायोजित कर सकते हैं।
बेंगलुरु में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम है। कर्नाटक की राजधानी में भी सोने की कीमतों में समान रुझान देखा गया है, जो देशव्यापी गिरावट को दर्शाता है।
बेंगलुरु में 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर शहर के आभूषण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ है, जहां प्रौद्योगिकी और परंपरा का मिश्रण देखा जाता है।
अहमदाबाद और भोपाल में कीमतें
अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 134930 रुपये प्रति 10 ग्राम है। गुजरात के इस प्रमुख शहर में भी सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो स्थानीय बाजार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अहमदाबाद में 22 कैरेट सोने का भाव 123690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर स्थानीय बाजार में आभूषणों की खरीद के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सोने की खरीद एक सांस्कृतिक और निवेश का हिस्सा है।
भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 134930 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मध्य प्रदेश की राजधानी में भी सोने की कीमतों में समान रुझान देखा गया है, जो देश के मध्य भाग में बाजार की स्थिति को दर्शाता है।
भोपाल में 22 कैरेट सोने का भाव 123690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर शहर के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ है, जो अपनी खरीद योजनाओं को इस कीमत के अनुसार बनाते हैं।
हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में सोने का हाल
हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 134880 रुपये प्रति 10 ग्राम है। तेलंगाना की राजधानी में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है, जो दक्षिण भारत के प्रमुख बाजारों में से एक है।
हैदराबाद में 22 कैरेट सोने का भाव 123640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर दक्षिण भारत के इस प्रमुख शहर में आभूषणों की खरीद के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सोने का एक बड़ा बाजार है।
जयपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत 135030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। राजस्थान की राजधानी में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जो स्थानीय बाजार की मांग और आपूर्ति को प्रभावित करती है।
जयपुर में 22 कैरेट सोने का भाव 123790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर स्थानीय आभूषण बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क है, जहां पारंपरिक राजस्थानी आभूषणों की बड़ी मांग है।
लखनऊ में 24 कैरेट सोने की कीमत 135030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। उत्तर प्रदेश की राजधानी में भी सोने की कीमतों में समान रुझान देखा गया है, जो उत्तरी भारत के बाजार की स्थिति को दर्शाता है।
लखनऊ में 22 कैरेट सोने का भाव 123790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर शहर के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ है, जो अपनी खरीद योजनाओं को इस कीमत के अनुसार बनाते हैं।
चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोने की कीमत 135030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पंजाब और हरियाणा की राजधानी में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है, जो इस क्षेत्र के बाजार को प्रभावित करती है।
चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोने का भाव 123790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यह दर स्थानीय बाजार में आभूषणों की खरीद के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सोने की खरीद एक महत्वपूर्ण निवेश और सांस्कृतिक प्रथा है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 4,308. 30 डॉलर प्रति औंस पर है। वैश्विक कारक जैसे भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां, मुद्रास्फीति की उम्मीदें और डॉलर की मजबूती या कमजोरी अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करती हैं। इन वैश्विक रुझानों का भारतीय घरेलू बाजार पर भी सीधा असर पड़ता है, क्योंकि भारत सोने का एक प्रमुख आयातक है।
सोने की कीमतों का वार्षिक प्रदर्शन और भविष्य की उम्मीदें
सोने की कीमतें साल 2025 के दौरान 73. 45 प्रतिशत मजबूत हुई हैं। यह एक महत्वपूर्ण वृद्धि है जो सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में दर्शाती है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के समय और निवेशकों ने मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव के लिए सोने में निवेश किया।
2026 में इनमें और तेजी आने की उम्मीद की जा रही है और यह उम्मीद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, बढ़ती मुद्रास्फीति की आशंकाओं और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीद के कारण है, जो निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर सकती है। यह रुझान सोने को एक स्थिर और मूल्यवान संपत्ति के रूप में स्थापित करता है।
चांदी की कीमतों में गिरावट और उसका वार्षिक प्रदर्शन
चांदी में भी 1 जनवरी की सुबह गिरावट है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमत 238900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। यह गिरावट निवेशकों और औद्योगिक खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चांदी की मांग औद्योगिक उपयोग में भी काफी अधिक होती है।
विदेशी बाजारों में चांदी का हाजिर भाव 71. 67 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है, क्योंकि वैश्विक आपूर्ति और मांग के कारक सीधे कीमतों को प्रभावित करते हैं।
सालाना आधार पर चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है और लगभग 164 प्रतिशत मजबूत हुई है। यह वृद्धि सोने की तुलना में चांदी की मजबूत मांग और इसके बहुमुखी उपयोग को दर्शाती है, जिससे यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गया है।
चांदी की मजबूती के प्रमुख कारण
मजबूत औद्योगिक मांग चांदी की कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। चांदी का उपयोग सौर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे विभिन्न उद्योगों में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में होता है। इन उद्योगों में बढ़ती मांग चांदी की कीमतों को ऊपर धकेलती है।
सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी भी चांदी की कीमतों को ऊपर धकेलती है। आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के डर के समय, निवेशक अक्सर चांदी को एक सुरक्षित ठिकाना मानते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ती है।
ग्लोबल सप्लाई में लगातार कमी भी चांदी की कीमतों में तेजी का एक अहम कारण है। खनन उत्पादन में कमी, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान या भू-राजनीतिक तनाव के कारण आपूर्ति में कमी कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जिससे बाजार में चांदी की उपलब्धता कम हो जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं।
घरेलू और वैश्विक कारकों का प्रभाव
सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतों पर डोमेस्टिक और ग्लोबल फैक्टर्स दोनों का असर होता है। घरेलू कारक जैसे रुपये-डॉलर विनिमय दर, स्थानीय मांग (विशेषकर त्योहारों और शादी के मौसम में), सरकारी नीतियां और आयात शुल्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रुपये का कमजोर होना सोने को महंगा कर सकता है, जबकि मजबूत मांग कीमतों को बढ़ा सकती है।
वैश्विक कारक जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाएं (जैसे युद्ध या व्यापार विवाद), केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां और वैश्विक आर्थिक विकास भी भारतीय बाजार को सीधे प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिर सकती हैं, जिसका असर भारत पर भी पड़ेगा। इन सभी कारकों का एक जटिल परस्पर क्रिया कीमतों में दैनिक उतार-चढ़ाव का कारण बनती है, जिससे निवेशकों और उपभोक्ताओं को बाजार पर लगातार नजर रखनी पड़ती है।