भारतीय घरेलू वायदा बाजार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को कीमती धातुओं की कीमतों में एक बार फिर बड़ी तेजी दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्रों में देखी गई भारी गिरावट के बाद, बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी का दौर शुरू हुआ। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में लगभग ₹1,700 की वृद्धि देखी गई, जिससे यह ₹1,53,199 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त सुधार हुआ है, जहां मार्च वायदा चांदी ₹6,100 से अधिक की छलांग लगाकर ₹2,37,613 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती देखी गई।
MCX वायदा बाजार में कीमतों का विस्तृत विवरण
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी के अनुबंधों में सक्रियता काफी बढ़ गई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 के लिए सोने का वायदा अनुबंध ₹1,53,199 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यह तेजी पिछले सत्र में हुई बिकवाली के बाद शॉर्ट कवरिंग के कारण आई है और चांदी के बाजार में और भी अधिक अस्थिरता देखी गई। मार्च वायदा चांदी, जो पिछले सत्र में काफी नीचे गिर गई थी, शुक्रवार को ₹2,37,613 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। बाजार के जानकारों के अनुसार, कीमतों में यह सुधार वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग में आए अचानक बदलाव का परिणाम है।
घरेलू बाजार में शुद्धता के आधार पर सोने की दरें
हाजिर बाजार और वायदा बाजार के रुख को देखते हुए, विभिन्न शुद्धता वाले सोने की कीमतों में भी बदलाव आया है। 24 कैरेट सोना, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है, वायदा बाजार के रुझानों के अनुसार लगभग ₹1,53,199 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। आभूषण निर्माण में सबसे अधिक उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,41,350 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, 18 कैरेट सोने का भाव ₹1,15,650 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। खुदरा बाजार में इन कीमतों पर स्थानीय कर, जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से लागू होते हैं, जिससे विभिन्न शहरों में अंतिम कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल और वैश्विक हाजिर कीमतें
वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में आए बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अप्रैल डिलीवरी के लिए गोल्ड फ्यूचर्स लगभग $4,944 प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय हाजिर चांदी (Spot Silver) में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। इससे पहले के सत्रों में चांदी में लगभग 11% की ऐतिहासिक गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद अब बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलावों का असर भी सोने की वैश्विक कीमतों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
बुलियन बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारक
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में इस तरह के बड़े उतार-चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। पिछले सत्र में निवेशकों ने नकदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सोने में मुनाफावसूली की थी, जिससे कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, जैसे ही कीमतें निचले स्तर पर आईं, खरीदारों ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और फिर से पोजीशन बनानी शुरू कर दी। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को प्रभावित कर रही है।
कमोडिटी ट्रेडिंग और डिलीवरी चक्र के तकनीकी पहलू
MCX पर सोने और चांदी की ट्रेडिंग विशिष्ट अनुबंधों के माध्यम से होती है और अप्रैल और जून के सोने के अनुबंधों में वर्तमान में सबसे अधिक वॉल्यूम देखा जा रहा है। चांदी के मामले में मार्च वायदा अनुबंध समाप्ति की ओर है, जिसके कारण रोलओवर और शॉर्ट कवरिंग की प्रक्रिया तेज हो गई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है, तो MCX पर सोने का अगला प्रतिरोध स्तर ₹1,54,000 के आसपास देखा जा सकता है। वहीं चांदी के लिए ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम का स्तर एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु बना हुआ है। इन कीमतों में किसी भी समय बदलाव संभव है क्योंकि यह पूरी तरह से बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है।
