राजस्थान बजट: दीया कुमारी ने कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे के लिए की घोषणाएं

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन वसूली से राहत और सेवानिवृत्ति तक बीमा कवर की घोषणा की। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के नए प्रावधानों का प्रस्ताव रखा गया है।

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत और बीमा योजना

उपमुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है और अब राज्य के कर्मचारियों को ट्रेनिंग के दो साल की अवधि के दौरान केंद्र या राज्य की किसी दूसरी नौकरी में चयन होने पर मौजूदा पद छोड़ने की स्थिति में वेतन और भत्तों की वसूली से छूट दी जाएगी। पहले ऐसी स्थिति में कर्मचारियों से प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त वेतन की वसूली की जाती थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने घोषणा की है कि कर्मचारियों को अब उनकी सेवानिवृत्ति तक निरंतर इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय कर्मचारियों के सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

बुनियादी ढांचे और पेयजल आपूर्ति का सुदृढ़ीकरण

राज्य में सड़क नेटवर्क और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारी निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री के अनुसार, प्रदेश में ₹690 crore की लागत से नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, पुरानी और जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने के लिए ₹150 crore आवंटित किए गए हैं। पेयजल से संबंधित अन्य विभिन्न कार्यों के लिए ₹220 crore का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए नए जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

औद्योगिक विकास और तकनीकी शिक्षा पर जोर

औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के समीप एक नया इंडिस्ट्रीयल एरिया विकसित किया जाएगा। एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को राहत देते हुए अब नए आवेदनों की प्रक्रिया जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे उद्यमियों को त्वरित स्वीकृति मिल सकेगी। शिक्षा के क्षेत्र में, ट्रिपल आईटी (IIIT) कोटा में नए आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से कोटा के ट्रिपल आईटी को एक 'एआई हब' (AI Hub) के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में नए विषय शुरू किए जाएंगे और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक कल्याण पहल

स्वास्थ्य क्षेत्र में कोटा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई है। कोटा के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए ₹25 crore खर्च किए जाएंगे। सामाजिक कल्याण के तहत, 75,000 स्कूली बच्चों की आंखों की जांच की जाएगी और उन्हें निःशुल्क चश्मे वितरित किए जाएंगे। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक लाख महिलाओं को सेल्फ डिफेंस और काउंसलिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। अंबेडकर और ओबीसी छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में सफारी सुविधाओं के विकास पर ₹25 crore व्यय किए जाएंगे।

राजकोषीय प्रबंधन और कृषि बजट में वृद्धि

वित्त मंत्री ने सदन में राजकोषीय स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि सरकार राजस्व आय में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 69% अनुमानित किया है। कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 34% की वृद्धि की गई है, जो पिछले प्रशासन की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा, बीकानेर के लूणकरणसर में मिनी सचिवालय और लूणी में नए पुलिस थाने की स्थापना जैसे प्रशासनिक सुधारों की भी घोषणा की गई है।

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