वित्त मंत्री दीया कुमारी पेश करेंगी बजट, राजस्थान के लिए खुलेगा सौगातों का पिटारा

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। 'विकसित राजस्थान @2047' के विजन पर आधारित इस बजट में युवाओं के लिए 1 लाख नई भर्तियों, महिला सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं।

11 फरवरी 2026 को राजस्थान विधानसभा में एक ऐतिहासिक पल होने वाला है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी सुबह ठीक 11 बजे भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा पूर्ण बजट (2026-27) पेश करने जा रही हैं। यह बजट न केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज होगा, बल्कि 'विकसित राजस्थान @2047' के विजन को धरातल पर उतारने का मजबूत आधार भी साबित होने की उम्मीद है। प्रदेश के युवा, किसान, महिलाएं और आम नागरिक इस बजट से बड़ी-बड़ी सौगातों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बजट बैग का रंग बदला, प्रतीकात्मक संदेश साफ

पिछले दो बजटों में दीया कुमारी भूरे रंग के पारंपरिक बैग के साथ सदन में पहुंची थीं, लेकिन इस बार बजट बैग का रंग भगवा है। यह बदलाव सिर्फ रंग का नहीं, बल्कि सरकार की सोच और प्राथमिकताओं का प्रतीक माना जा रहा है। भगवा रंग सांस्कृतिक गौरव, ऊर्जा और विकास की नई शुरुआत का संकेत देता है। विधानसभा में पहुंचते ही इस बैग ने सुर्खियां बटोरीं और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

युवाओं के लिए रोजगार का नया कैलेंडर और स्किल बूस्ट

युवा वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद इस बजट से जुड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एक लाख से अधिक नई सरकारी भर्तियों का कैलेंडर जारी कर सकती है। इंटरव्यू-आधारित भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की भी बात चल रही है, ताकि योग्यता पर ज्यादा जोर हो।

इसके अलावा:

  • स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में विस्तार
  • प्राइवेट सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए नई योजनाएं
  • स्टार्टअप और सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा

ये कदम बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए राहत लेकर आ सकते हैं।

महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष स्वरोजगार योजनाएं, सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभावित है। पेंशन योजनाओं (जैसे वृद्धावस्था, विधवा पेंशन) में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे लाखों परिवारों को फायदा होगा। खाद्य सुरक्षा और पोषण योजनाओं को मजबूत करने के ऐलान भी हो सकते हैं।

किसानों और ग्रामीण विकास की प्राथमिकता

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि की बड़ी भूमिका है। इस बजट में:

  • सिंचाई परियोजनाओं (जैसे ERCP) को फंडिंग बढ़ाना
  • नई कृषि तकनीकों और उपकरणों पर सब्सिडी
  • पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
  • किसान सम्मान निधि में संभावित वृद्धि

गांवों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने, सड़कों, बिजली और पानी की योजनाओं पर भारी निवेश की उम्मीद है। जल संरक्षण और ग्रीन प्रोजेक्ट्स को भी प्राथमिकता मिल सकती है, क्योंकि राज्य में पानी की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास

शहरी क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार (खासकर जयपुर में लाइन 2), नए एक्सप्रेसवे, सड़कें और पेयजल परियोजनाओं पर फोकस रहेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए नए ग्रीन इनिशिएटिव्स भी घोषित हो सकते हैं।

विपक्ष की आलोचना और कर्ज का मुद्दा

बजट पेश होने से पहले विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता रोहित बोहरा ने कहा कि सरकार "उधार लेकर घी पी रही है" और बैंक ऑफ महाराष्ट्र व बैंक ऑफ बड़ौदा से 40,000 करोड़ के एमओयू का जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि पिछले दो बजटों की सिर्फ 26% घोषणाएं पूरी हुईं, और हर राजस्थानी पर 1 लाख रुपये का कर्ज है। महंगाई, पेट्रोल-डीजल टैक्स में कमी न होने पर भी सवाल उठाए गए।

सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कह रही है कि यह बजट समावेशी विकास, आम आदमी की सुरक्षा और सुविधा पर केंद्रित होगा।

लाइव देखें और अपडेट्स फॉलो करें

बजट भाषण Zoom News पर लाइव प्रसारित होगा। विधानसभा में बजट कॉपी पहुंच चुकी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

यह बजट राजस्थान के लिए न सिर्फ आर्थिक, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक महत्व का होगा। क्या यह उम्मीदों पर खरा उतरेगा? सबकी नजरें दीया कुमारी के 'भगवा पिटारे' पर टिकी हैं। विकास की नई राहें खुलेंगी या पुराने वादे दोहराए जाएंगे—यह कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगा। जय राजस्थान!

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