52 लाख करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट में सरकार ने समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को साधने का प्रयास किया है और बजट का मुख्य केंद्र बिंदु बुनियादी ढांचे का विकास, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना है। 9% अधिक है।
कृषि और किसान कल्याण: ऋण माफी और आधुनिक तकनीक
सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ₹25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण का लक्ष्य रखा है, जिससे लगभग 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे। 5 लाख किसानों को उन्नत किस्म के दलहनी और तिलहनी बीजों का मुफ्त वितरण किया जाएगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए ₹11,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए जाएंगे। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 50,000 नए सोलर पंप स्थापित करने के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा के लिए 20,000 किलोमीटर की तारबंदी हेतु ₹228 करोड़ की सब्सिडी की घोषणा की गई है।
कर्मचारी और पेंशनर्स: 8वें वेतन आयोग और सैलरी पैकेज
राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सरकार ने 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति वेतन विसंगतियों और पदोन्नति के मुद्दों का समाधान करेगी। इसके अलावा, एक विशेष 'सैलरी अकाउंट पैकेज' पेश किया गया है, जिसमें रियायती दरों पर ऋण और व्यापक बीमा कवर शामिल है। यह सुविधा 70 वर्ष की आयु तक के पेंशनर्स को भी उपलब्ध होगी। अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास: ₹1 लाख करोड़ का निवेश
राज्य में प्रभावी पूंजीगत व्यय ₹1 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर ₹51,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में 'वन एप्लीकेशन, वन डिजिटल ट्रैक' व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे निवेशकों को सभी स्वीकृतियां एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊर्जा देने के लिए कैपिटल और पेरोल सब्सिडी के विकल्प दिए गए हैं। साथ ही, अब मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी RIPS के तहत लाभ मिलेगा। परिवहन क्षेत्र में राहत देते हुए अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के पंजीकरण शुल्क में 50% की छूट दी गई है।
पर्यावरण और सुशासन: अरावली संरक्षण और ई-रजिस्ट्रेशन
पर्यावरण संरक्षण के लिए 'पृथ्वी प्रोजेक्ट' के तहत ₹1500 करोड़ खर्च किए जाएंगे और अगले वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अरावली पर्वतमाला की 4,000 हेक्टेयर क्षतिग्रस्त भूमि का कायाकल्प किया जाएगा। सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने सभी 106 उप-पंजीयन कार्यालयों को 'मॉडल कार्यालय' बनाने और ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की है। इससे नागरिक घर बैठे जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कर सकेंगे। साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए R4C सेंटर की स्थापना की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विश्लेषण
विपक्ष ने इस बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि सरकार की घोषणाएं जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी हैं। उन्होंने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है और बार-बार की जाने वाली घोषणाओं से जनता अब नाउम्मीद हो चुकी है और विश्लेषकों के अनुसार, यह बजट राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और विकास की गति को तेज करने के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है। राज्य पहली बार 'स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटी की स्विचिंग' प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिससे पुराने कर्जों की रीस्ट्रक्चरिंग संभव होगी।
