प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास (MLA LAD) निधि के दुरुपयोग और गबन के मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी की टीम ने मंगलवार रात अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से यादव को हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए जयपुर स्थित कार्यालय लाया गया। लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला मुख्य रूप से वर्ष 2021-22 के दौरान बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए खेल सामग्री की खरीद से जुड़ा है। 72 करोड़ की राशि आवंटित की गई थी। आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
गिरफ्तारी और ईडी की कार्रवाई का विवरण
ईडी के सूत्रों के अनुसार, बलजीत यादव को दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित एनएचएआई कार्यालय के पास से पकड़ा गया। इससे पहले 24 जनवरी 2025 को ईडी ने जयपुर, दौसा और बहरोड़ में यादव के 10 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले थे, जो मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पुष्टि करते हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है।
₹3.72 करोड़ के गबन और फर्जी बिलिंग के आरोप
जांच में यह बात सामने आई है कि खेल किट की खरीद के लिए फर्जी बिलिंग का सहारा लिया गया था। आरोप है कि ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर घटिया सामग्री की आपूर्ति की गई या कई मामलों में बिना किसी आपूर्ति के ही भुगतान कर दिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अपनी जांच शुरू की थी। एजेंसी अब इस गबन की गई राशि के अंतिम लाभार्थियों और धन के लेन-देन के रास्तों का पता लगा रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
बलजीत यादव बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले नेता के रूप में पेश किया था। उन्होंने जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर दौड़ लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था और भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को ₹51,000 का इनाम देने की घोषणा भी की थी। हालांकि, अब वे स्वयं भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के घेरे में हैं।
विश्लेषकों के अनुसार जांच का दायरा
कानूनी विश्लेषकों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई राजस्थान में सरकारी फंड के दुरुपयोग के खिलाफ चल रही बड़ी जांच का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस मामले में शामिल कुछ ठेकेदारों और सरकारी अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल, बलजीत यादव को अदालत में पेश कर उनकी रिमांड मांगी जाएगी ताकि गबन की गई राशि की बरामदगी और साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके।
