राजस्थान बजट 2026: गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्रीय बजट को बताया निराशाजनक

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को राज्य के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली यात्राओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बजट में राजस्थान की महत्वपूर्ण परियोजनाओं और विशेष पैकेज की अनदेखी की गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में पेश किए गए बजट 2026-27 पर राजस्थान की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस बजट को 'सिर्फ घोषणाओं का पिटारा' और 'बेहद निराशाजनक' करार दिया है। डोटासरा के अनुसार, इस वित्तीय योजना ने राजस्थान के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों को पूरा करने में विफलता प्रदर्शित की है।

मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राओं पर कटाक्ष

सीकर में मीडिया से बातचीत के दौरान डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों में 60 से अधिक बार दिल्ली का दौरा किया, लेकिन इसके बावजूद वह प्रदेश के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज सुनिश्चित करने में विफल रहे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि राजस्थान को इस बजट में कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं मिली है, जो राज्य के विकास के लिए आवश्यक थी।

क्षेत्रीय परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट का मुख्य ध्यान केवल उन राज्यों पर रहा जहां आगामी समय में चुनाव होने वाले हैं, जैसे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा न मिलने और मानगढ़ धाम के लिए विशेष फंड के अभाव पर चिंता व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, दक्षिणी राजस्थान की महत्वपूर्ण बांसवाड़ा रेल परियोजना के लिए किसी ठोस आवंटन की कमी को भी उन्होंने राज्य के साथ अन्याय बताया।

आर्थिक और सामाजिक चिंताओं पर प्रहार

डोटासरा ने बजट के दिन शेयर बाजार में हुई हलचल को जनता के अविश्वास का संकेत बताया। उन्होंने केंद्र सरकार के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में बेरोजगारी और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकार भविष्य के सपने दिखा रही है। उनके अनुसार, इनकम टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव न होने से वेतनभोगी वर्ग को राहत नहीं मिली है और किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी अधूरा रह गया है।

राजनीतिक विश्लेषण और प्रभाव

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, डोटासरा का यह बयान राजस्थान में आगामी स्थानीय चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर दिया गया है। विपक्ष द्वारा बजट को 'चुनावी केंद्रित' बताना एक पुरानी रणनीति रही है, लेकिन ERCP और रेल परियोजनाओं जैसे स्थानीय मुद्दों को उठाकर कांग्रेस राज्य में क्षेत्रीय भावनाओं को संगठित करने का प्रयास कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि इन आरोपों का प्रभाव आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय पर भी पड़ सकता है।


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